राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों में 8 मई को मौसम का मिजाज बदल सकता है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और बौछारों की संभावना जताई है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। विभाग ने मेघगर्जन और वज्रपात को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं का असर बना रह सकता है, लेकिन शाम के वक्त बादल छाने और हल्की बारिश होने से तापमान में कुछ गिरावट महसूस की जा सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय स्तर पर बन रही मौसमी परिस्थितियों के कारण उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है।
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक 9 और 10 मई को प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इन दो दिनों के लिए किसी प्रकार की विशेष बारिश चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि 11 मई के बाद मौसम फिर सक्रिय हो सकता है।
विभाग का अनुमान है कि 11, 12 और 13 मई को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाएं और हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। खासतौर पर 12 और 13 मई को तेज हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। मेघगर्जन के समय खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और टीन शेड से दूर रहने को कहा गया है। बाइक सवारों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
वहीं किसानों को भी अपनी फसलों और कृषि उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। तेज हवाओं और अचानक बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ सकता है। तेज गर्मी और अचानक बदलते मौसम की वजह से वायरल संक्रमण, डिहाइड्रेशन और एलर्जी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, धूप से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।



