सिर्फ बिहार ही नहीं, इन 5 राज्यों में भी धूमधाम से मनाई जाती है छठ पूजा
छठ पूजा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आस्था, शुद्धता और प्रकृति के प्रति समर्पण का अनोखा संगम है। यह पर्व विशेष रूप से सूर्य देव और छठी मैया की उपासना के लिए जाना जाता है। बिहार में इसकी परंपरा अत्यंत प्राचीन और गहरी है, लेकिन आज यह केवल बिहार तक सीमित नहीं रही। देश के कई राज्यों में अब छठ पूजा की भव्यता देखने को मिलती है।
आइए जानते हैं कि बिहार के अलावा कौन-कौन से राज्य छठ पूजा को पूरे श्रद्धा और धूमधाम से मनाते हैं।
1. उत्तर प्रदेश: आस्था की गंगा-यात्रा
बिहार से सटा पूर्वी उत्तर प्रदेश, विशेष रूप से वाराणसी, गाजीपुर, मऊ, बलिया और प्रयागराज जैसे शहरों में छठ पूजा की बड़ी धूम रहती है। यहां गंगा और यमुना के पावन घाटों पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु एकत्र होते हैं और पारंपरिक गीतों व मंत्रोच्चारण के साथ सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करते हैं।
वाराणसी के घाटों पर सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का दृश्य अत्यंत मनमोहक होता है। यहां की छठ पूजा लोक सांस्कृतिक उत्सव में बदल जाती है, जहां सिर्फ पूजा नहीं, बल्कि लोकगीत, व्रत, और परंपराओं की छाया देखने को मिलती है।
2. दिल्ली: प्रवासियों ने बनाई नई परंपरा
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बड़ी संख्या में बिहार और पूर्वांचल के लोग रहते हैं। इन्हीं लोगों के कारण छठ पूजा दिल्ली में भी बड़े पैमाने पर मनाई जाती है। यमुना के किनारे बनाए गए अस्थायी घाटों पर हजारों की भीड़ उमड़ती है।
दिल्ली सरकार भी इस पर्व के आयोजन में खास भूमिका निभाती है। घाटों की सफाई, रोशनी, सुरक्षा व्यवस्था और चिकित्सा सहायता की व्यवस्था की जाती है। कालिंदी कुंज, वजीराबाद, सोनिया विहार और गीता कॉलोनी जैसे क्षेत्रों में विशाल छठ मेलों का आयोजन होता है।
3. झारखंड: प्रकृति की गोद में छठ
बिहार से अलग होकर बने झारखंड राज्य में भी छठ पूजा की परंपरा उतनी ही मजबूत है। यहां के घाट प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर होते हैं। रांची, धनबाद, जमशेदपुर और बोकारो जैसे शहरों में बड़ी श्रद्धा के साथ छठ पर्व मनाया जाता है।
यहां की खासियत यह है कि पर्व प्राकृतिक झीलों, तालाबों और नदी किनारों पर मनाया जाता है। व्रती महिलाएं पारंपरिक गीत गाती हुई पूजा करती हैं और पूरा माहौल अध्यात्म से भर जाता है।
4. कोलकाता: पूर्वांचली संस्कृति की मजबूत पकड़
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में बड़ी संख्या में बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश से आए लोग बसे हैं। यहां छठ पूजा एक सांस्कृतिक पर्व बन गया है। हुगली नदी के किनारे बने घाटों पर हजारों लोग सूर्य अर्घ्य देने आते हैं।
कोलकाता के घाटों पर छठ के दौरान सजावट, भक्ति संगीत, और सामूहिक व्रत का आयोजन देखने को मिलता है। यहां यह पर्व केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि सामाजिक एकजुटता का संदेश भी देता है।
5. मुंबई: समुद्र किनारे छठ की अनोखी छटा
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी छठ पूजा ने अपनी मजबूत जगह बना ली है। खासकर जुहू चौपाटी, दादर चौपाटी और अन्य समुद्र किनारों पर व्रती पूजा करते नजर आते हैं। यहां लाखों की भीड़ होती है, और यह त्योहार अब एक राष्ट्रीय रूप ले चुका है।
मुंबई में छठ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक बड़ा सामुदायिक उत्सव है, जिसमें हर आयु वर्ग के लोग भाग लेते हैं। यहां का आयोजन इतना भव्य होता है कि इसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो जाते हैं।
छठ पूजा अब सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं रही। यह त्योहार पूरे भारत में फैले बिहार और पूर्वांचल के प्रवासी समुदायों के माध्यम से देशभर में फैल चुका है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, झारखंड, कोलकाता और मुंबई में भी यह पर्व पूरी श्रद्धा, भक्ति और परंपरा के साथ मनाया जाता है।
छठ पूजा सिर्फ एक व्रत नहीं, बल्कि प्रकृति से जुड़ने, परिवार से प्रेम जताने और समाज में सामूहिक एकता को मजबूत करने का माध्यम बन चुका है। चाहे गंगा के तट हों या समुद्र के किनारे, छठ का सूरज हर ओर एक जैसी आस्था से स्वागत पाता है।
अगर आप भी छठ पूजा की भव्यता का अनुभव करना चाहते हैं



