शरद संकला ने अब्दुल का किरदार निभाकर हासिल की घर-घर पहचान, स्ट्रगल से सफलता तक का सफर
‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ भारतीय टीवी की सबसे चर्चित और लंबे समय तक चलने वाली शो में से एक है। साल 2008 में शुरू हुए इस शो ने दर्शकों के दिलों में हर किरदार को खास जगह दी है। जेठालाल, दयाबेन, पोपटलाल, मिस्टर भिड़े और अब्दुल – हर किरदार ने अपनी अलग छवि बनाई है। इसी शो में अब्दुल का किरदार निभाने वाले शरद संकला ने हाल ही में अपने संघर्ष और सफलता की कहानी साझा की।
सात साल बेरोजगारी का संघर्ष
शरद संकला ने बताया कि ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ से पहले वह 7 साल तक बेरोजगार रहे। उस समय उनके पास कोई स्थिर काम नहीं था और रोजमर्रा की जिंदगी में मुश्किलें बहुत थीं। शरद ने इस दौरान छोटे-मोटे रोल्स और फिल्मों में भी काम किया, लेकिन उन्हें कोई बड़ी पहचान नहीं मिली। उन्होंने बॉलीवुड में भी कुछ फिल्मों में काम किया, जैसे शाहरुख खान स्टारर ‘बादशाह’ और ‘बाजीगर’, साथ ही ‘हम हैं राही प्यार के’, ‘हम आपके दिल में रहते हैं’ और ‘साजन चले ससुराल’ जैसी फिल्मों में भी नजर आए।
शो ने बदल दी जिंदगी
साल 2008 में शरद संकला को ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में अब्दुल का किरदार मिला। इस किरदार ने उन्हें घर-घर पहचान दिलाई। शरद कहते हैं कि इस शो के जरिए उन्हें मिली लोकप्रियता ने उनके जीवन का दृष्टिकोण ही बदल दिया। अब वह केवल टीवी स्टार नहीं रहे, बल्कि एक सफल व्यवसायी भी बन गए।
दो-दो रेस्टोरेंट के मालिक
शरद संकला ने टीवी के साथ-साथ अपने व्यवसाय में भी हाथ आजमाया। उन्होंने दो रेस्टोरेंट खोले हैं, जो अब उनकी आय का स्थिर स्रोत बन गए हैं। शरद का कहना है कि उनका अनुभव यह बताता है कि कठिन समय में धैर्य और मेहनत ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि संघर्ष के समय में हिम्मत नहीं हारनी चाहिए।
नेट वर्थ और फीस
शरद संकला की वर्तमान नेट वर्थ करोड़ों में आंकी जा रही है। टीवी शो और व्यवसाय से उनकी कमाई काफी अच्छी है। कहा जाता है कि शरद संकला की प्रति एपिसोड फीस लाखों में है। उनका अब्दुल का किरदार दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय है, जिसके कारण उनकी शो में स्थायी जगह है।
लोकप्रियता का कारण
अब्दुल का किरदार शो में हास्य और सादगी के साथ दर्शकों को जोड़ता है। शरद का सहज अभिनय और किरदार के प्रति समर्पण इस लोकप्रियता का मुख्य कारण है। शो के कई एपिसोड में अब्दुल के कॉमिक टाइमिंग और सरल स्वभाव ने दर्शकों को खूब हंसाया है।
टीवी से व्यवसाय और भविष्य की योजनाएं
शरद संकला का कहना है कि टीवी शो से मिली सफलता ने उन्हें व्यवसाय में निवेश करने का आत्मविश्वास दिया। दो रेस्टोरेंट के मालिक बनने के साथ-साथ वह भविष्य में और भी व्यवसायिक अवसर तलाशने में रुचि रखते हैं। शरद मानते हैं कि सफलता केवल एक प्लेटफॉर्म पर निर्भर नहीं करती, बल्कि अवसरों को पहचानने और उनका सही उपयोग करने से भी आती है।
प्रेरणा और संदेश
शरद संकला की कहानी उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो संघर्ष के दौर से गुजर रहे हैं। उनके अनुभव यह बताते हैं कि कठिनाइयों के बावजूद मेहनत, धैर्य और सही मौके का इंतजार सफलता की कुंजी है। सात साल की बेरोजगारी से लेकर दो रेस्टोरेंट के मालिक बनने और टीवी में करोड़ों की नेट वर्थ हासिल करने का सफर शरद की मेहनत और लगन की कहानी है।
‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ के अब्दुल का किरदार केवल एक हास्य पात्र नहीं, बल्कि शरद संकला के संघर्ष और सफलता की जीवंत मिसाल भी बन गया है।




