मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक, विभागों को सख्त निर्देश
दिल्ली में यमुना नदी की सफाई को लेकर सरकार ने गंभीर रुख अपनाते हुए बड़े स्तर पर कार्रवाई तेज करने के संकेत दिए हैं। इसी क्रम में आज मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें यमुना की सफाई से जुड़ी सभी मौजूदा योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में संबंधित विभागों से अब तक किए गए कार्यों की रिपोर्ट ली गई और आगे की रणनीति को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि यमुना की स्वच्छता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं को तय समयसीमा में पूरा किया जाए और जमीनी स्तर पर ठोस परिणाम नजर आने चाहिए।
औद्योगिक प्रदूषण पर सख्ती के निर्देश
बैठक में यमुना को प्रदूषित करने वाले औद्योगिक कचरे को एक बड़ी चुनौती बताया गया। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले अपशिष्ट जल पर कड़ी निगरानी रखी जाए। नियमों का उल्लंघन करने वाली फैक्ट्रियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि बिना ट्रीटमेंट के किसी भी तरह का अपशिष्ट यमुना में जाने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए नियमित निरीक्षण, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।
एसटीपी के जीर्णोद्धार और नए प्लांट्स पर फोकस
यमुना की सफाई में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STP) की भूमिका को अहम बताते हुए मुख्यमंत्री ने पुराने और जर्जर हो चुके एसटीपी के जल्द से जल्द जीर्णोद्धार के निर्देश दिए। साथ ही, जो नए ट्रीटमेंट प्लांट्स प्रस्तावित हैं, उनके निर्माण कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि एसटीपी की कार्यक्षमता नियमित रूप से जांची जाए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि शुद्ध किया गया पानी ही नदी में छोड़ा जा रहा है।
ड्रेन्स की सफाई और राज्यों के बीच समन्वय
बैठक में यमुना में गिरने वाले नालों (ड्रेन्स) की सफाई को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक नालों से आने वाला गंदा पानी रोका नहीं जाएगा, तब तक यमुना को पूरी तरह साफ करना संभव नहीं है। इसके लिए पड़ोसी राज्यों के साथ बेहतर और प्रभावी समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए। ड्रेन्स की सफाई, डिसिल्टिंग और उनके ट्रीटमेंट की प्रक्रिया को तेज करने पर बल दिया गया। संबंधित एजेंसियों को नियमित प्रगति रिपोर्ट देने के भी निर्देश दिए गए।
केंद्र सरकार के सहयोग से स्वच्छ यमुना मिशन
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से स्वच्छ यमुना मिशन को योजनाबद्ध और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर जमीन पर दिखना चाहिए। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में यमुना की जल गुणवत्ता में स्पष्ट सुधार हो और दिल्लीवासियों को एक स्वच्छ और निर्मल नदी देखने को मिले।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
इस उच्च स्तरीय बैठक में कैबिनेट मंत्री पंकज साहिब सिंह सहित यमुना सफाई से जुड़े विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और तय लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। यमुना की सफाई को लेकर सरकार की यह सक्रियता आने वाले दिनों में बड़े बदलाव की उम्मीद जगाती है। यदि औद्योगिक प्रदूषण पर नियंत्रण, एसटीपी की मजबूती और ड्रेन्स की सफाई योजनाबद्ध तरीके से लागू होती है, तो यमुना को फिर से स्वच्छ और जीवंत बनाने की दिशा में यह एक निर्णायक कदम साबित हो सकता है।
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