Bhajan Lal Sharma सरकार ने हटाई दो-बच्चे की शर्त, कैबिनेट में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी

राजस्थान की राजनीति में एक बड़ा बदलाव सामने आया है। मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma की अगुवाई में हुई कैबिनेट बैठक में दो से ज्यादा बच्चों वाले व्यक्तियों पर पंचायत और नगर निकाय चुनाव लड़ने की लगी रोक को हटा दिया गया है। यह फैसला राज्य की स्थानीय राजनीति और सामाजिक ढांचे पर दूरगामी प्रभाव डाल सकता है। राजस्थान में पहले नियम था कि जिन उम्मीदवारों के दो से अधिक बच्चे हैं, वे पंचायत और नगर निकाय चुनाव नहीं लड़ सकते। अब इस प्रावधान को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। सरकार इस बदलाव को मौजूदा विधानसभा सत्र में विधेयक के रूप में पेश कर कानूनी रूप देगी। कानून मंत्री Jogaram Patel ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने व्यापक विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया है, जिससे अधिक से अधिक नागरिकों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर मिल सके।

सरकार का पक्ष: जागरूक समाज और समान अवसर

कैबिनेट मंत्री Rajyavardhan Singh Rathore ने कहा कि समाज अब पहले से अधिक जागरूक है। उनके अनुसार, यदि कोई व्यक्ति आर्थिक रूप से सक्षम है और अपने परिवार की जिम्मेदारी उठा सकता है, तो उसे चुनाव लड़ने से वंचित करना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह फैसला किसी विशेष विचारधारा या Rashtriya Swayamsevak Sangh से प्रभावित नहीं है। राठौड़ ने कहा कि यदि सरकार किसी विचारधारा से प्रभावित होती, तो तीन से अधिक बच्चों वालों को ही चुनाव लड़ने की अनुमति देती।

विपक्ष का आरोप: RSS एजेंडे का प्रभाव

इस फैसले पर Indian National Congress ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार Rashtriya Swayamsevak Sangh के एजेंडे पर काम कर रही है। विपक्ष का कहना है कि इस तरह के निर्णय सामाजिक संतुलन और जनसंख्या नियंत्रण की नीतियों पर असर डाल सकते हैं। हालांकि, सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह फैसला लोकतांत्रिक अधिकारों को व्यापक बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।

कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

कैबिनेट बैठक में केवल चुनाव संबंधी प्रावधान ही नहीं, बल्कि कई अन्य अहम फैसले भी लिए गए।

बजट वर्ष 2024-25 में घोषित Rajasthan Ayurveda, Yoga and Naturopathy University विधेयक-2026 के प्रारूप को मंजूरी दी गई। राज्य को औद्योगिक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए ‘राजस्थान औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति-2026’ को स्वीकृति मिली। ग्राम विकास अधिकारी संवर्ग में पदोन्नति के अधिक अवसर देने के लिए ‘वरिष्ठ ग्राम विकास अधिकारी’ के नए पद के सृजन को मंजूरी दी गई। अपराधों की रोकथाम और त्वरित कार्रवाई के लिए राजस्व आसूचना एवं आर्थिक अपराध निदेशालय के गठन का निर्णय लिया गया। प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए तीन जिलों में चार सौर ऊर्जा परियोजनाओं हेतु भूमि आवंटन को मंजूरी दी गई। इन फैसलों को सरकार विकास, प्रशासनिक सुधार और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बता रही है।

क्या होगा असर?

दो से अधिक बच्चों की शर्त हटाने का निर्णय ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकाय राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है। इससे उन लोगों को भी चुनाव लड़ने का अवसर मिलेगा, जो पहले इस नियम के कारण अयोग्य घोषित हो जाते थे। हालांकि, जनसंख्या नियंत्रण और सामाजिक नीति के दृष्टिकोण से इस पर बहस जारी रहने की संभावना है। आने वाले समय में विधानसभा में विधेयक पारित होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि यह निर्णय जमीनी स्तर पर किस प्रकार लागू किया जाता है। राजस्थान सरकार का यह कदम राज्य की राजनीतिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण परिवर्तन का संकेत देता है। एक ओर इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का विस्तार माना जा रहा है, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे वैचारिक एजेंडा बता रहा है। अब सबकी नजर विधानसभा में प्रस्ताव पेश होने और उसके पारित होने पर टिकी है। यह फैसला आने वाले पंचायत और नगर निकाय चुनावों की तस्वीर बदल सकता है।

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