स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने सीबीआई को फटकारते हुए दी राहत
दिल्ली शराब घोटाला केस में पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal और पूर्व उपमुख्यमंत्री Manish Sisodia को शुक्रवार को राउज एवेन्यू कोर्ट से बड़ी राहत मिली। अदालत ने दोनों नेताओं को बरी कर दिया और सीबीआई को आरोपों में कमियों के लिए फटकार लगाई। इस मामले में फैसला सुनाने वाले जज का नाम स्पेशल जज जितेंद्र सिंह है।
जज जितेंद्र सिंह कौन हैं?
स्पेशल जज जितेंद्र सिंह दिल्ली के एक अनुभवी न्यायिक अधिकारी हैं। वे नई दिल्ली के राउज एवेन्यू डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में स्पेशल जज (पीसी एक्ट) सीबीआई-01 के पद पर तैनात हैं। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से जुड़े मामलों में उनकी विशेषज्ञता है और वे विशेष रूप से सीबीआई द्वारा जांचे जाने वाले मामलों की सुनवाई करते हैं। जस्टिस जितेंद्र सिंह ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री प्राप्त की है और अक्टूबर 2024 में उन्हें एडिशनल सेशंस जज बनाया गया था। उन्हें ईमानदार और सख्त जज माना जाता है।
कोर्ट का फैसला और सीबीआई को फटकार
राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में कहा कि मनीष सिसोदिया के खिलाफ प्रथम दृष्टया (prima facie) कोई मामला नहीं बनता। वहीं अरविंद केजरीवाल को भी बिना ठोस साक्ष्य के आरोपित किया गया था। अदालत ने सीबीआई के आरोप पत्र में कई खामियों की ओर इशारा किया और कहा कि आरोप किसी गवाह या ठोस बयान से समर्थित नहीं थे। जज जितेंद्र सिंह ने चार्जशीट में मौजूद खामियों को उजागर करते हुए कहा कि सीबीआई ने अनुमान और कथित साजिश के आधार पर मामला तैयार किया। अदालत ने सभी 23 आरोपियों को डिस्चार्ज कर दिया और किसी के खिलाफ आरोप तय करने से इनकार कर दिया।
अदालत में सुनवाई और प्रक्रिया
12 फरवरी 2026 को कोर्ट ने सभी दलीलों के बाद अपना फैसला सुरक्षित रखा था। फैसले के दिन अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया खुद अदालत में पेश हुए, जबकि अन्य आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। अदालत ने सीबीआई की जांच में खामियों पर जोर दिया और कहा कि प्रॉसिक्यूशन अपना केस साबित करने में नाकाम रहा। अदालत ने यह भी कहा कि इस मामले में कोई बड़ी साजिश या क्रिमिनल इरादा नहीं था। कोर्ट ने फेयर ट्रायल की अहमियत पर जोर दिया और निष्कर्ष निकाला कि सीबीआई ने बिना पर्याप्त सबूत के आरोप लगाए।
केस का इतिहास
यह मामला दिल्ली सरकार की 2021-22 की आबकारी नीति से जुड़ा था, जिसमें भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार की रिपोर्ट के बाद उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। इसके बाद सीबीआई ने मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ केस दर्ज किया। मनीष सिसोदिया को 26 फरवरी 2023 को गिरफ्तार किया गया था और 21 मार्च 2024 को ईडी ने पूछताछ के बाद अरविंद केजरीवाल को हिरासत में लिया।
भविष्य में संभावित कानूनी कार्रवाई
इस फैसले के बाद सीबीआई हाईकोर्ट में अपील कर सकती है। एजेंसी इस मामले में कानूनी सलाह ले रही है और दो दिनों के अंदर अपील दायर होने की संभावना है। स्पेशल जज जितेंद्र सिंह के न्यायपूर्ण और सटीक फैसले ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को बड़ी राहत दी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आरोप बिना सबूत के लगाए गए थे और जांच में खामियां थीं। इस फैसले ने यह भी संदेश दिया कि न्यायपालिका स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से कार्य करती है और किसी भी व्यक्ति के खिलाफ केवल ठोस सबूत होने पर ही कार्रवाई होती है।
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