मौलाना समीरुद्दीन कासमी के दावे से बढ़ी उत्सुकता, चांद दिखने पर टिकी अंतिम पुष्टि

रमजान 2026 की शुरुआत 19 फरवरी से हो चुकी है और देशभर में रोजेदार इबादत और रोज़े के साथ इस पवित्र महीने को अदा कर रहे हैं। अब जैसे-जैसे रमजान अपने अंतिम दिनों की ओर बढ़ेगा, लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही होगा भारत में ईद-उल-फितर कब मनाई जाएगी? ईद-उल-फितर, जिसे मीठी ईद भी कहा जाता है, इस्लामी कैलेंडर के 10वें महीने शव्वाल की पहली तारीख को मनाई जाती है। लेकिन इसकी तारीख चांद दिखने पर निर्भर करती है। इसी बीच ब्रिटेन में रहने वाले भारतीय इस्लामी विद्वान Maulana Sameeruddin Qasmi ने एक वीडियो जारी कर 2026 में ईद की संभावित तारीख को लेकर अपना दावा पेश किया है, जिससे चर्चा और तेज हो गई है।

चांद की ऊंचाई और उम्र के आधार पर गणना

मौलाना के अनुसार 19 मार्च 2026, गुरुवार को भारत में चांद की ऊंचाई लगभग 5 डिग्री और उसकी उम्र करीब 11 घंटे 56 मिनट होगी। उनका कहना है कि सामान्यतः चांद 10 डिग्री या उससे अधिक ऊंचाई पर ही स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उन्होंने बताया कि बर्मा, बांग्लादेश, नेपाल, कराची, पेशावर, ईरान और अफगानिस्तान में भी उस दिन चांद की ऊंचाई 4 से 5 डिग्री के बीच रहेगी, जो दृष्टिगोचर होने के लिए पर्याप्त नहीं मानी जाती। इस आधार पर उनका दावा है कि 19 मार्च को चांद दिखाई देने की संभावना बेहद कम है।

20 मार्च को दिख सकता है शव्वाल का चांद

मौलाना के मुताबिक 20 मार्च 2026, शुक्रवार को भारत में चांद की ऊंचाई लगभग 18 डिग्री और उसकी उम्र 35 घंटे 57 मिनट होगी। यह स्थिति चांद के साफ तौर पर दिखाई देने के लिए अनुकूल मानी जाती है। इसी प्रकार बांग्लादेश, नेपाल, कराची, पेशावर, ईरान और अफगानिस्तान में भी चांद की ऊंचाई 17 से 19 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। ऐसे में 20 मार्च की शाम को चांद दिख सकता है और उसके बाद 21 मार्च 2026 को भारत समेत इन देशों में ईद-उल-फितर मनाई जा सकती है।

सऊदी अरब में अलग हो सकती है तारीख

सऊदी अरब में ईद की तारीख अक्सर स्थानीय चांद देखने की गवाही के आधार पर तय होती है। मौलाना के अनुसार 19 मार्च को वहां चांद की उम्र करीब 14 घंटे 8 मिनट और ऊंचाई लगभग 6 डिग्री हो सकती है। हालांकि तकनीकी रूप से 6 डिग्री पर चांद दिखना मुश्किल माना जाता है, लेकिन सऊदी अरब में पिछले कई वर्षों से स्थानीय गवाही के आधार पर निर्णय लिया जाता रहा है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि वहां 20 मार्च 2026 को ईद मनाई जा सकती है, जबकि भारत में एक दिन बाद यानी 21 मार्च को ईद होने की उम्मीद है।

आधिकारिक ऐलान चांद दिखने पर ही

ध्यान देने वाली बात यह है कि ईद की अंतिम और आधिकारिक घोषणा भारत में संबंधित चांद कमेटियों द्वारा चांद दिखने की पुष्टि के बाद ही की जाती है। खगोलीय गणनाएं संभावनाएं जरूर बताती हैं, लेकिन इस्लामी परंपरा के अनुसार प्रत्यक्ष रूप से हिलाल (नया चांद) देखे जाने पर ही फैसला होता है। इसलिए 2026 में ईद 20 मार्च को होगी या 21 मार्च को, इसका अंतिम निर्णय 20 मार्च की शाम चांद दिखाई देने या न दिखाई देने पर निर्भर करेगा। ईद-उल-फितर मुसलमानों के सबसे बड़े और खुशी के त्योहारों में से एक है। यह दिन रमजान के रोजों की पूर्णता और अल्लाह की इबादत के बाद मिलने वाली खुशियों का प्रतीक है। 2026 में ईद की तारीख को लेकर चर्चाएं तेज हैं, लेकिन अंतिम पुष्टि चांद देखने के बाद ही होगी।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी खगोलीय गणनाओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। ईद की आधिकारिक तारीख की पुष्टि संबंधित चांद कमेटियों और धार्मिक संस्थाओं द्वारा ही की जाएगी।

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