इंटरव्यू में खुलकर बोले गोविंदा
बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा अपने बेबाक अंदाज़ के लिए जाने जाते हैं। वह कम ही मौकों पर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया देते हैं, लेकिन जब बोलते हैं तो खुलकर अपनी बात रखते हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने फिल्ममेकर करण जौहर की फिल्म ‘गोविंदा नाम मेरा’ को लेकर अपनी नाराज़गी जाहिर की। गोविंदा का मानना है कि फिल्म का टाइटल और कहानी कहीं न कहीं उनकी पर्सनल लाइफ से प्रेरित लगती है। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति किसी के नाम या निजी जीवन से जुड़ी बातों को फिल्म की कहानी में शामिल करना सही नहीं है।
‘मेरे नाम से फिल्म बना दी’
बातचीत के दौरान गोविंदा ने कहा कि उन्हें बाद में पता चला कि उनके नाम से मिलती-जुलती फिल्म बनाई गई है। उन्होंने कहा कि फिल्म की कहानी पति-पत्नी और गर्लफ्रेंड के बीच उलझनों पर आधारित है, जो निजी जीवन की परिस्थितियों से मिलती-जुलती प्रतीत होती है। गोविंदा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी की व्यक्तिगत जिंदगी को मनोरंजन का हिस्सा बनाना ठीक नहीं है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर भविष्य में ऐसा दोबारा हुआ तो वह चुप नहीं बैठेंगे।
चेतावनी भरे अंदाज़ में दिया संदेश
इंटरव्यू में गोविंदा ने कहा कि अगर उनके हाथ ऐसी स्थिति लगी तो वह रजनीकांत की तरह “प्रसाद” देंगे और वह भी सबके सामने। हालांकि उनका अंदाज़ व्यंग्यात्मक था, लेकिन संदेश साफ था गलत व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों से अपील की कि मज़ाक और रचनात्मक स्वतंत्रता की भी एक सीमा होती है। किसी की छवि या नाम का इस्तेमाल सोच-समझकर करना चाहिए।
सुनीता आहूजा की डेब्यू फिल्म पर प्रतिक्रिया
गोविंदा ने अपनी पत्नी सुनीता आहूजा की डेब्यू फिल्म को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि सुनीता अपने करियर पर ध्यान दें और सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी कलाकार के बारे में गलत टिप्पणी करना या विवाद खड़ा करना ठीक नहीं है। खासकर नए कलाकारों को सम्मान मिलना चाहिए। गोविंदा ने उन लोगों का धन्यवाद भी किया जिन्होंने बिना किसी विवाद के अपने काम पर ध्यान केंद्रित किया।
‘गोविंदा नाम मेरा’ फिल्म के बारे में
‘गोविंदा नाम मेरा’ एक थ्रिलर-कॉमेडी फिल्म है, जिसमें विक्की कौशल और सारा अली खान मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। यह फिल्म डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई थी और इसे शशांक खेतान ने निर्देशित किया था। फिल्म की कहानी रिश्तों में उलझनों और गलतफहमियों के इर्द-गिर्द घूमती है। हालांकि फिल्म को दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली, लेकिन इसके टाइटल को लेकर अब नया विवाद सामने आया है।
इंडस्ट्री में नाम और पहचान का महत्व
बॉलीवुड में नाम और पहचान का खास महत्व होता है। किसी बड़े कलाकार के नाम से मिलती-जुलती फिल्म का टाइटल दर्शकों का ध्यान आकर्षित करता है। ऐसे में संवेदनशीलता और सम्मान बनाए रखना जरूरी हो जाता है। गोविंदा का यह बयान इंडस्ट्री में रचनात्मक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत सम्मान के बीच संतुलन पर नई बहस छेड़ सकता है। गोविंदा का हालिया बयान यह दर्शाता है कि वह अपनी पहचान और सम्मान को लेकर सजग हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मजाक या कहानी के नाम पर किसी की निजी जिंदगी को नहीं घसीटना चाहिए। यह मामला आगे क्या मोड़ लेगा, यह देखने वाली बात होगी। फिलहाल, गोविंदा का यह बयान फिल्म इंडस्ट्री में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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