बॉलीवुड के दिग्गज धर्मेंद्र के निधन के बाद खुली हेमा मालिनी की निजी जिंदगी की कहानी प्यार, सम्मान और जिम्मेदारी की मिसाल

बॉलीवुड की प्रेम कहानियों में हेमा मालिनी और धर्मेंद्र का नाम सबसे अलग और चर्चित है। सिल्वर स्क्रीन पर इनकी जोड़ी जादुई लगती थी, लेकिन असल जिंदगी में उनका रिश्ता उतना ही जटिल, भावनाओं से भरा और समझदारी भरा था। धर्मेंद्र ने पहली शादी से तलाक लिए बिना हेमा मालिनी से शादी की। शादी हुई, दो बेटियां ईशा और अहाना हुईं, लेकिन दोनों एक छत के नीचे नहीं रहते थे। अब धर्मेंद्र के निधन के बाद हेमा मालिनी की भावनाएं और उनके रिश्ते की कहानी फिर से चर्चा में आ गई है।

क्यों अलग रहते थे हेमा और धर्मेंद्र

हेमा मालिनी ने अपनी बायोग्राफी “हेमा मालिनी: बियॉन्ड द ड्रीम गर्ल” में इस सवाल का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि शादीशुदा होने के बावजूद अलग रहने का फैसला आपसी सम्मान और स्वतंत्रता के कारण था। हेमा ने कहा:

“मैं कोई पुलिस अफसर नहीं हूं जो उन पर नजर रखे। धरम जी ने मेरे और बेटियों के लिए जो किया, उससे खुश हूं। हमें एक-दूसरे पर भरोसा था, इसलिए हमने अलग रहने का तरीका चुना।”

हेमा के अनुसार, यह उनके लिए किसी भी तरह का दुख नहीं था। वह अपने बच्चों और परिवार के साथ खुश थीं और धर्मेंद्र की जिम्मेदारियों और पिता के रूप में उनके योगदान को हमेशा सराहा।

समाज की आलोचना और दबाव

हेमा ने बायोग्राफी में यह भी बताया कि शादी के समय समाज ने उन्हें “दूसरी औरत” का टैग दिया। लोगों ने आरोप लगाए, बातें बनाईं, लेकिन हेमा ने अपने दिल की सुनी और धर्मेंद्र के साथ अपना रिश्ता निभाया। उन्होंने कहा:

“लोगों ने उंगलियां उठाईं, हम पर आरोप लगे। मुझे पता था कि लोग मेरे पीछे बातें करते हैं। मैं बस इतना जानती थी कि वह मुझे खुश रखते थे और मैं बस खुशी चाहती थी।”

यह स्थिति उनके रिश्ते को और मजबूत बनाती थी, क्योंकि दोनों ने बाहरी दुनिया की चिंता को पीछे रखा और अपने परिवार और बच्चों के लिए संतुलन बनाए रखा।

धर्मेंद्र की जिम्मेदारी और परिवार की देखभाल

धर्मेंद्र अपने अंतिम दिनों तक अपने दोनों परिवारों के प्रति जिम्मेदार रहे। उन्होंने हेमा और उनकी बेटियों ईशा और अहाना के साथ-साथ अपनी पहली पत्नी प्रकाश कौर और उनके बच्चों सनी, बॉबी देओल आदि के साथ भी नियमित संपर्क बनाए रखा।

धर्मेंद्र के जीवन का यह पहलू बताता है कि उनकी प्राथमिकता हमेशा परिवार, सम्मान और जिम्मेदारी रही। अपने अलग रहने के बावजूद, उनका प्यार और सहयोग हमेशा कायम रहा।

हेमा की भावनाएं और बच्चों की परवरिश

हेमा ने कहा कि हर महिला सामान्य परिवार की तरह रहना चाहती है, लेकिन उनके लिए परिस्थितियाँ अलग थीं। उन्होंने बच्चों की परवरिश पर विशेष ध्यान दिया और उन्हें संतुलित जीवन देने की पूरी कोशिश की। ईशा ने भी इंटरव्यू में कहा कि उनके पिता रात में उनके साथ नहीं रहते थे, लेकिन उन्होंने हमेशा अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।

हेमा ने स्पष्ट किया कि वह अपने जीवन और परिवार से संतुष्ट हैं, दुख नहीं मानतीं और अपने बच्चों के साथ खुशहाल जीवन जी रही हैं।

धर्मेंद्र और हेमा मालिनी का रिश्ता बॉलीवुड इतिहास की सबसे दिल छू लेने वाली कहानियों में से एक है। शादी के बाद अलग रहना उनके लिए व्यक्तिगत स्वतंत्रता, सम्मान और भरोसे का प्रतीक था। धर्मेंद्र के निधन के साथ ही बॉलीवुड के एक स्वर्णिम युग का अंत हुआ है, लेकिन उनके जीवन और फिल्मों के अनकहे किस्से हमेशा याद रहेंगे।

हेमा मालिनी ने अपने जीवन और बच्चों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को हमेशा सर्वोच्च रखा। यह कहानी बताती है कि प्यार केवल साथ रहने में नहीं, बल्कि सम्मान, विश्वास और अपनापन बनाए रखने में भी होता है।

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