6 अप्रैल का इतिहास
नई दिल्ली: 6 अप्रैल का दिन भारतीय इतिहास में क्रांति, संघर्ष और महत्वपूर्ण घटनाओं से भरा हुआ है। इस तारीख को देश की आजादी की लड़ाई से लेकर विश्व स्तर पर कई यादगार घटनाएं दर्ज हैं।1919 का रॉलेट सत्याग्रह
6 अप्रैल 1919 को महात्मा गांधी ने पूरे देश में रॉलेट एक्ट के खिलाफ सत्याग्रह की शुरुआत की। इस दिन उन्होंने अंग्रेजी सरकार द्वारा लाए गए इस काले कानून का खुलकर विरोध किया। यह असहयोग आंदोलन की दिशा में एक बड़ा कदम था। गांधीजी ने इस दिन को “राष्ट्रीय उपवास दिवस” के रूप में मनाने का आह्वान किया था।
1930 का नमक सत्याग्रह
6 अप्रैल 1930 को महात्मा गांधी ने दांडी पहुंचकर समुद्र से नमक बनाकर नमक कानून तोड़ा। यह दांडी मार्च का समापन था और ब्रिटिश सरकार के खिलाफ असहयोग आंदोलन की शुरुआत मानी जाती है। इस घटना ने पूरे देश में ब्रिटिश विरोध की लहर पैदा कर दी।
1945 में आजाद हिंद फौज
6 अप्रैल 1945 को सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज ने ब्रिटिश सेना के खिलाफ मोर्चा संभाला। INA के सैनिकों ने इम्फाल और कोहिमा में बहादुरी से लड़ाई लड़ी।
विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं
1862: अमेरिकी गृहयुद्ध के दौरान शिलोह की लड़ाई शुरू हुई।
1917: अमेरिका ने प्रथम विश्व युद्ध में जर्मनी के खिलाफ युद्ध की घोषणा की।
1994: रवांडा के राष्ट्रपति की हत्या के बाद भयानक नरसंहार शुरू हुआ।
प्रसिद्ध जन्म
1926: इंदिरा गांधी – भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री।
1937: मेरिलिन मुनरो – हॉलीवुड की लीजेंडरी अभिनेत्री।
1945: रजनीकांत – दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार।
प्रसिद्ध निधन 1992: आइसक डिनाम – इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री।
2005: रॉबर्ट डेनिरो सीनियर – प्रसिद्ध अभिनेता।
आज का महत्व
6 अप्रैल का दिन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में दो बड़े आंदोलनों रॉलेट सत्याग्रह और नमक सत्याग्रह की शुरुआत का गवाह है। यह तारीख हमें अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ गांधीजी के अहिंसक लेकिन दृढ़ संघर्ष की याद दिलाती है। विश्व स्तर पर यह दिन युद्धों, राजनीतिक परिवर्तनों और सांस्कृतिक घटनाओं से जुड़ा रहा है। आज भी यह तारीख हमें सत्याग्रह, अहिंसा और राष्ट्रप्रेम की याद दिलाती है।



