5 मार्च का इतिहास: भारत और विश्व की महत्वपूर्ण घटनाएं

इतिहास के पन्नों में हर तारीख का अपना खास महत्व होता है। 5 मार्च भी ऐसे ही दिनों में से एक है, जिसने भारत के स्वतंत्रता संग्राम और विश्व इतिहास में कई निर्णायक घटनाओं को जन्म दिया। यह दिन सत्याग्रह, समझौतों, वैज्ञानिक उपलब्धियों और दुखद घटनाओं का साक्षी रहा है। आइए जानें इस दिन की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाओं, जन्मों और निधनों के बारे में।विश्व इतिहास में

5 मार्च की प्रमुख घटनाएँ

5 मार्च ने दुनिया भर में कई यादगार घटनाओं को दर्ज किया है। 1616 में निकोलस कोपरनिकस की प्रसिद्ध किताब “ऑन द रिवोल्यूशन ऑफ दी हेवेनली स्फेयर्स” को कैथोलिक चर्च द्वारा प्रतिबंधित पुस्तकों की सूची में शामिल किया गया, क्योंकि यह पृथ्वी के सूर्य के चारों ओर घूमने के सिद्धांत को समर्थन देती थी।1770 में बोस्टन मैसाक्र हुआ, जहां ब्रिटिश सैनिकों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की, जिसमें 5 लोग मारे गए। यह घटना अमेरिकी क्रांति की शुरुआत का प्रतीक बनी। 1850 में ब्रिटेन में मेनाई स्ट्रेट पर ब्रिटानिया ब्रिज का उद्घाटन हुआ, जो इंजीनियरिंग का एक बड़ा चमत्कार था।द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 1943 में ब्रिटेन की पहली जेट फाइटर ग्लोस्टर मेटियोर की पहली उड़ान हुई। 1944 में लाल सेना ने यूक्रेन में उमान-बोत्सानी पर हमला शुरू किया। 1963 में अमेरिकी देशी संगीतकार पैट्सी क्लाइन सहित कई कलाकारों की विमान दुर्घटना में मौत हो गई। 1982 में सोवियत जांच वीनेरा 14 शुक्र ग्रह पर उतरी।अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं में 1933 में अमेरिका में बैंक हॉलिडे घोषित किया गया और 1970 में न्यूक्लियर नॉन-प्रोलिफरेशन ट्रीटी प्रभावी हुई।

भारत के इतिहास में 5 मार्च की प्रमुख घटनाएँ

भारत के संदर्भ में 5 मार्च का सबसे महत्वपूर्ण योगदान स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा है। 1931 में महात्मा गांधी और ब्रिटिश वायसराय लॉर्ड इरविन के बीच गांधी-इरविन संधि (Delhi Pact) पर हस्ताक्षर हुए। यह समझौता सविनय अवज्ञा आंदोलन (नमक सत्याग्रह) को समाप्त करने और कांग्रेस को दूसरे गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने का रास्ता खोलने वाला था।इस संधि के तहत राजनीतिक कैदियों की रिहाई, नमक बनाने की अनुमति और अन्य प्रतिबंधों में ढील दी गई। यह पहली बार था जब गांधीजी और वायसराय को बराबरी के स्तर पर बातचीत हुई, जिसने भारतीय आंदोलन को अंतरराष्ट्रीय मान्यता दिलाई।1851 में कलकत्ता में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (Geological Survey of India) की स्थापना हुई, जो भारत की खनिज संपदा और भूगर्भ अध्ययन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। 2008 में भारत ने ब्रह्मोस मिसाइल का सफल परीक्षण किया, जो समुद्र से जमीन पर हमला करने वाली शक्तिशाली मिसाइल है।

5 मार्च को जन्मे प्रमुख व्यक्ति

इस दिन कई महान हस्तियों ने जन्म लिया। 1916 में बीजू पटनायक का जन्म हुआ, जो ओडिशा के मुख्यमंत्री, विपक्ष के नेता, स्वतंत्रता सेनानी और उद्योगपति थे। उन्होंने भारतीय वायुसेना में योगदान दिया और विकास कार्यों से प्रसिद्ध हुए।1925 में वसंत साठे का जन्म हुआ, जो कई लोकसभाओं के सदस्य और केंद्रीय मंत्री रहे। 1934 में ब्रजभाषा के प्रसिद्ध कवि और लोक गीतकार सोम ठाकुर का जन्म हुआ, जिनकी रचनाएं आज भी लोकप्रिय हैं। अन्य उल्लेखनीय नामों में भारतीय वायुसेना के पिता सुब्रतो मुखर्जी (1911) शामिल हैं।

5 मार्च को हुए प्रमुख निधन

यह दिन कुछ महान व्यक्तियों के निधन का भी गवाह रहा। 2010 में प्रसिद्ध उद्योगपति जी.पी. बिड़ला का निधन हुआ, जिन्होंने बिड़ला समूह को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और सामाजिक कार्यों में योगदान दिया।विश्व स्तर पर 1953 में सोवियत नेता जोसेफ स्टालिन की मौत की अफवाहें फैलीं (वास्तविक निधन 5 मार्च को ही हुआ)।5 मार्च इतिहास में समझौतों, संघर्षों और प्रगति का प्रतीक है। गांधी-इरविन संधि जैसी घटनाएं भारतीय स्वतंत्रता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुईं, जबकि वैज्ञानिक और सैन्य उपलब्धियां दुनिया को आगे बढ़ाने में सहायक रहीं। यह दिन हमें याद दिलाता है कि अतीत की सीख से हम वर्तमान को मजबूत बना सकते हैं और भविष्य को बेहतर बना सकते हैं। हर घटना, जन्म और निधन हमें प्रेरणा देता है कि संघर्ष और समझौते से ही बदलाव संभव है।

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