पहली फिल्म में भाई-बहन का रोल

सिनेमा की दुनिया में कई बार ऐसा होता है कि ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री असल जिंदगी की कहानी में बदल जाती है। कभी-कभी यह बदलाव इतना खास होता है कि इसे सुनकर लगता है जैसे किसी फिल्म की स्क्रिप्ट सच हो गई हो। साउथ सिनेमा की सुपरहिट जोड़ी जयराम और पार्वती की लव स्टोरी कुछ ऐसी ही है। साल 1988 में दोनों पहली बार फिल्म अपरन में साथ नजर आए। इस फिल्म में पार्वती ने जयराम की बहन का रोल निभाया। यह जयराम की डेब्यू फिल्म थी, जबकि पार्वती पहले से ही इंडस्ट्री की जानी-मानी स्टार थीं। ऑनस्क्रीन भाई-बहन की जोड़ी ने दर्शकों का दिल जीत लिया, लेकिन किसी ने यह नहीं सोचा था कि यह जोड़ी भविष्य में असली जिंदगी में एक-दूसरे की ज़िंदगी का हिस्सा बन जाएगी।

फिल्म में रोमांस और प्यार की शुरुआत

उसी साल रिलीज हुई फिल्म विटनेस ने कहानी में ट्विस्ट ला दिया। इस बार जयराम और पार्वती रोमांटिक जोड़ी के रूप में नजर आए। शूटिंग के दौरान दोनों की बातचीत बढ़ी, हल्की-फुल्की नोक-झोंक हुई और छोटे-छोटे पल, जैसे चाय ब्रेक की बातें और मुस्कुराहटें, धीरे-धीरे प्यार में बदल गईं। जयराम का मिमिक्री और पार्वती के लिए उनका हल्का-फुल्का अंदाज इस जोड़ी को और खास बना गया।

रिश्ता छुपा कर रखा पांच साल तक

उनका रिश्ता जल्द ही गंभीर हो गया, लेकिन दोनों ने करीब पांच साल तक इसे दुनिया से छुपाकर रखा। उस समय मोबाइल का जमाना नहीं था, इसलिए उन्होंने चिट्ठियों और ऑडियो कैसेट के जरिए अपने दिल की बातें शेयर कीं। इस दौरान दोनों ने लगभग 12 फिल्मों में साथ काम किया और दर्शकों की फेवरेट जोड़ी बन गए।

शादी और खुशहाल परिवार

अंततः, 7 सितंबर 1992 को जयराम और पार्वती ने शादी कर ली। शादी के बाद पार्वती ने घर संभाला, वहीं जयराम ने फिल्मों में अपनी पहचान बनाए रखी। उनकी शादी इंडस्ट्री के लिए मिसाल बन गई, क्योंकि आमतौर पर सिनेमा में रिश्ते जल्दी टूटते दिखते हैं। लेकिन इस जोड़ी का साथ तीन दशक बाद भी उतना ही मजबूत है। आज जयराम और पार्वती के दो बच्चे हैं और पूरा परिवार खुशहाल जिंदगी जी रहा है। इंडस्ट्री में अक्सर विवाद और ब्रेकअप की खबरें आती हैं, लेकिन इस जोड़ी ने दिखा दिया कि प्यार और समझदारी से रिश्तों को लंबे समय तक मजबूत रखा जा सकता है।

किस्मत की लिखी स्क्रिप्ट

जयराम और पार्वती की लव स्टोरी यह साबित करती है कि कभी-कभी जिंदगी खुद सबसे खूबसूरत स्क्रिप्ट लिख देती है। ऑनस्क्रीन भाई-बहन से लेकर असली जीवन में प्रेमी और जीवनसाथी बनने की यह कहानी दर्शाती है कि किस्मत और मेहनत से बना रिश्ता समय के साथ और भी मजबूत होता है। साउथ सिनेमा में यह लव स्टोरी सिर्फ एक फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि असली जिंदगी की मिसाल बन गई है। सेट पर शुरू हुई हल्की-फुल्की नोक-झोंक और मुस्कुराहटें, वर्षों बाद शादी और परिवार में खुशहाल जीवन में बदल गईं। यह कहानी हर फिल्मी प्रेम कहानी को टक्कर देती है और दर्शकों के दिल में हमेशा खास जगह बनाए रखती है। जयराम और पार्वती की कहानी यह सिखाती है कि प्यार, समझदारी और समय का सही इस्तेमाल किसी भी रिश्ते को लंबे समय तक मजबूत रख सकता है।

यह भी पढ़ें

https://www.tarangvoice.com/bollywood-stars-stood-by-rajpal-yadav-in-difficult-times/

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here