राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों को बड़ी राहत, त्योहार से पहले खातों में पहुंचेगी सैलरी
होली पर्व से पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत दी है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने आदेश जारी कर फरवरी 2026 का वेतन और पेंशन 28 फरवरी 2026 को ही आहरित एवं वितरित करने की अनुमति दे दी है। इस फैसले से लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों को त्योहार से पहले आर्थिक सहूलियत मिलेगी। वित्त विभाग के वित्त (लेखा) अनुभाग-1 की ओर से जारी शासनादेश के मुताबिक 1 मार्च 2026 को सामान्य अवकाश और 2 मार्च 2026 को होलिका दहन का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण नियमित वेतन वितरण तिथि प्रभावित हो रही थी। इसी स्थिति को देखते हुए राज्यपाल की स्वीकृति के बाद यह विशेष निर्णय लिया गया। सरकार का उद्देश्य है कि कर्मचारियों और पेंशनरों को त्योहार से पहले किसी प्रकार की आर्थिक असुविधा का सामना न करना पड़े।
किन-किन को मिलेगा लाभ?
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि राज्य कर्मचारियों के साथ-साथ सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थानों के कर्मचारी, शहरी स्थानीय निकायों के कर्मचारी तथा कार्यभारित कर्मचारी भी इस व्यवस्था के अंतर्गत आएंगे। इसके अतिरिक्त कोषागारों से पेंशन प्राप्त करने वाले पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को भी फरवरी माह की पेंशन 28 फरवरी को ही उपलब्ध करा दी जाएगी। सरकार ने सभी जिलाधिकारियों तथा मुख्य और वरिष्ठ कोषाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे इस आदेश का समयबद्ध और प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करें। अधिकारियों को स्पष्ट कहा गया है कि भुगतान प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो, ताकि त्योहार से पहले सभी पात्र व्यक्तियों के खातों में राशि पहुंच सके।
बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग को विशेष निर्देश
प्रदेश के बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए भी अलग से निर्देश जारी किए गए हैं। महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि 2 मार्च से पहले ही वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए। चूंकि 2 मार्च को होलिका दहन और 4 मार्च को होली का मुख्य पर्व मनाया जाएगा, इसलिए समय से पहले वेतन जारी करने पर विशेष जोर दिया गया है। महानिदेशक ने बेसिक शिक्षा निदेशक, माध्यमिक शिक्षा निदेशक, मध्याह्न भोजन प्राधिकरण और वित्त नियंत्रक को आदेश दिया है कि वे अपने कार्यालयों और निदेशालयों में कार्यरत नियमित, आउटसोर्स, संविदा और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का भुगतान समय से पहले सुनिश्चित करें। इससे शिक्षकों और कर्मचारियों को त्योहार की तैयारियों में सुविधा मिलेगी।
चयन वेतनमान को लेकर बढ़ी नाराजगी
जहां एक ओर समय से वेतन जारी करने का निर्णय स्वागतयोग्य माना जा रहा है, वहीं परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों में चयन वेतनमान को लेकर असंतोष भी बढ़ रहा है। नियम के अनुसार 10 वर्ष की संतोषजनक सेवा पूर्ण करने वाले शिक्षकों को चयन वेतनमान दिया जाना चाहिए, लेकिन कई जिलों में छह माह से अधिक समय बीतने के बाद भी यह लाभ नहीं मिल पाया है। लखनऊ सहित कई जनपदों में संबंधित अधिकारियों द्वारा कार्रवाई में देरी की शिकायतें सामने आई हैं। शिक्षकों का कहना है कि ऑनलाइन चयन मॉड्यूल लागू होने के बाद उन्हें उम्मीद जगी थी कि प्रक्रिया पारदर्शी और तेज होगी, लेकिन जमीनी स्तर पर अब भी लापरवाही देखने को मिल रही है। शिक्षक संगठनों ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है और समयबद्ध समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया है।
त्योहार से पहले आर्थिक संबल
फरवरी का वेतन 28 फरवरी को जारी करने का निर्णय निश्चित रूप से कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए राहत भरा कदम है। होली जैसे बड़े पर्व से पहले खातों में धनराशि पहुंचने से बाजार में भी रौनक बढ़ेगी और परिवारों को आर्थिक योजना बनाने में आसानी होगी। सरकार के इस फैसले से लाखों परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि आदेश का पालन समय पर और सुचारु रूप से हो, ताकि होली का त्योहार बिना किसी आर्थिक चिंता के मनाया जा सके।
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