धनतेरस पर यूपीआई से 1.02 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड लेन-देन, दीपावली फेस्टिव सीजन में बढ़ी खरीदारी

नई दिल्ली (ईएमएस)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को बताया कि 18 अक्टूबर, धनतेरस के दिन यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) प्लेटफॉर्म से 1.02 लाख करोड़ रुपये के लेन-देन हुए। इस दौरान लेन-देन की संख्या 75.4 करोड़ रही, जो अब तक एक दिन में यूपीआई लेन-देन का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है।

धनतेरस से दीपावली तक यूपीआई लेन-देन में वृद्धि, त्योहार के दौरान बढ़ी खरीदारी

वित्त मंत्री ने आगे बताया कि धनतेरस से लेकर दीपावली तक के तीन दिन के फेस्टिव सीजन में यूपीआई प्लेटफॉर्म पर औसत लेन-देन की संख्या 73.69 करोड़ रही, जो पिछले साल समान अवधि में 64.74 करोड़ थी। इसका मतलब है कि इस साल खपत में वृद्धि हुई है और लोग त्योहार के अवसर पर अधिक खरीदारी कर रहे हैं।

निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस फेस्टिव सीजन में खुदरा विक्रेताओं के लिए बाजार विशेष रूप से लाभकारी रहा। जीएसटी दरों में कटौती और स्लैब को युक्तिसंगत बनाने के उपायों से परिवारों की खर्च करने की क्षमता बढ़ी। इस सुधार ने आम उपभोक्ताओं के लिए बचत बढ़ाई और मांग को प्रोत्साहित किया।

बड़े और प्रीमियम बाजार में बढ़ी उत्सव की खरीदारी, व्यापारियों और खरीदारों दोनों को मिला लाभ

वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि बाजार के दोनों सेगमेंट — बड़े और प्रीमियम — में तेजी देखने को मिली। चाहे वह लैब में तैयार हीरे हों, कैजुअल वियर या होम डेकोर के सामान, सभी श्रेणियों में उत्सव के दौरान खरीदारी बढ़ी। इस सुधार ने न केवल खरीदारों को लाभ पहुंचाया, बल्कि व्यापारियों को भी उत्साहित किया।

अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (कैट) की रिपोर्ट के अनुसार, नवरात्रि से दीपावली तक के फेस्टिव सीजन में गुड्स की बिक्री रिकॉर्ड 5.40 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई। इसी दौरान करीब 65,000 करोड़ रुपये की सेवाओं की बिक्री भी हुई। कैट रिसर्च एंड ट्रेड डेवलपमेंट सोसाइटी के अनुसार, यह पिछले साल की 4.25 लाख करोड़ रुपये की बिक्री की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक है।

विशेष रूप से रिटेल सेक्टर में 85 प्रतिशत हिस्सेदारी रही, जबकि ऑफलाइन मार्केट में भी मांग में सुधार देखा गया। कन्फेक्शनरी, होम डेकोर, जूते-चप्पल, रेडीमेड कपड़े, टिकाऊ उपभोक्ता सामान और दैनिक उपयोग की वस्तुओं जैसे प्रमुख उपभोक्ता और खुदरा श्रेणियों में जीएसटी दरों में कमी से मूल्य प्रतिस्पर्धा में सुधार हुआ और खरीदारी में वृद्धि हुई।

त्योहारों में डिजिटल भुगतान का उछाल: यूपीआई ने दर्ज किया 1.02 लाख करोड़ रुपये का दैनिक रिकॉर्ड

इस फेस्टिव सीजन में डिजिटल भुगतान के बढ़ते चलन ने व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को आसान और सुरक्षित लेन-देन की सुविधा दी। यूपीआई के माध्यम से एक दिन में 1.02 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड लेन-देन यह दर्शाता है कि डिजिटल भुगतान ने त्योहारों में आर्थिक गतिविधियों को नया आयाम दिया है।

कुल मिलाकर, इस साल धनतेरस और दीपावली का फेस्टिव सीजन न केवल उपभोक्ताओं के लिए खरीदारी का अवसर रहा, बल्कि व्यापारियों और खुदरा बाजार के लिए भी बेहद लाभकारी साबित हुआ। डिजिटल भुगतान और जीएसटी सुधार ने दोनों पक्षों के लिए उत्सव को और अधिक सफल और सुविधाजनक बनाया।

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