आसियान-भारत साझेदारी को और सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता जताई

नई दिल्ली (ईएमएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को मलेशिया द्वारा आसियान की अध्यक्षता ग्रहण करने पर हार्दिक बधाई दी। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर मलेशिया के नेतृत्व में आगामी आसियान-संबंधी शिखर सम्मेलनों के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

भारत-मलेशिया मजबूत द्विपक्षीय संबंध

पीएम मोदी ने अपनी बधाई संदेश में मलेशिया के साथ भारत के मजबूत और सामरिक संबंधों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि मलेशिया और भारत के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की मजबूत नींव है और इस साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए भारत प्रतिबद्ध है।

प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से यह भी व्यक्त किया कि वह आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में वर्चुअल रूप से शामिल होने के लिए उत्सुक हैं। इस कदम से यह संकेत मिलता है कि भारत दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ अपने रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को और सुदृढ़ करने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

पीएम मोदी का सोशल मीडिया संदेश

पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा,
“मेरे प्रिय मित्र, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ गर्मजोशी से बातचीत हुई। मलेशिया की आसियान अध्यक्षता के लिए उन्हें बधाई दी और आगामी शिखर सम्मेलनों की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। मैं आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में वर्चुअल रूप से शामिल होने और आसियान-भारत व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने के लिए उत्सुक हूं।”

आसियान और भारत के लिए महत्व

आसियान (ASEAN) क्षेत्रीय सहयोग और आर्थिक साझेदारी के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। इस संगठन में दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के बीच व्यापार, निवेश, सुरक्षा और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देने की पहल की जाती है। भारत के लिए आसियान के साथ मजबूत साझेदारी न केवल आर्थिक विकास के अवसर प्रदान करती है, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा को भी सुनिश्चित करती है।

मलेशिया की आसियान अध्यक्षता के दौरान, कई प्रमुख शिखर सम्मेलन और क्षेत्रीय बैठकें आयोजित की जाएंगी। प्रधानमंत्री मोदी की वर्चुअल भागीदारी यह दर्शाती है कि भारत इन आयोजनों में सक्रिय रूप से भाग लेकर क्षेत्रीय मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार है। इससे व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग के नए अवसर खुलेंगे।

द्विपक्षीय सहयोग और रणनीतिक साझेदारी

भारत और मलेशिया के बीच कई क्षेत्रीय और द्विपक्षीय समझौते पहले ही मौजूद हैं, जिनमें व्यापार, रक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान शामिल हैं। पीएम मोदी ने इस सहयोग को और अधिक मजबूत बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है।

विशेष रूप से, आसियान-भारत व्यापक रणनीतिक साझेदारी का उद्देश्य क्षेत्रीय शांति, आर्थिक सहयोग और सामाजिक-सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा देना है। मलेशिया की अध्यक्षता में इन पहलुओं को और व्यापक रूप से लागू करने का अवसर मिलेगा।

भारत की सक्रिय भूमिका और वैश्विक संदेश

प्रधानमंत्री मोदी की बधाई और उनके शिखर सम्मेलन में भाग लेने की योजना से यह भी संकेत मिलता है कि भारत अपने पड़ोसी और क्षेत्रीय देशों के साथ सहयोग को और बढ़ाने के लिए रणनीतिक दृष्टि से सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

कुल मिलाकर, पीएम मोदी की पहल और मलेशिया को आसियान अध्यक्षता मिलने पर उनकी बधाई भारत और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के बीच मजबूत और स्थायी साझेदारी का प्रतीक है। यह न केवल क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देती है, बल्कि भारत की वैश्विक कूटनीतिक छवि को भी सुदृढ़ करती है।

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