दिल्ली धमाके के बाद पाकिस्तान में मचा हड़कंप
नई दिल्ली: सोमवार शाम दिल्ली के चांदनी चौक के पास हुए भीषण धमाके ने पूरे देश को हिला दिया। इस फिदायीन हमले में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घायल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाका इतना जोरदार था कि आसपास की इमारतें हिल गईं और लोगों को कुछ देर के लिए भूकंप जैसा महसूस हुआ। इस घटना के बाद न केवल भारत में बल्कि पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी खलबली मच गई है।
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने देर रात आपात बैठक बुलाई, जिसमें डीजी आईएसआई, तीनों सेनाओं के प्रमुख और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) शामिल हुए। बैठक में भारत-पाक सीमा की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की गई। पाकिस्तान में इस धमाके को लेकर जबरदस्त चिंता जताई जा रही है कि कहीं इस घटना के बाद भारत की ओर से कोई कड़ा कदम न उठाया जाए।
सीमा पर वायुसेना की गश्त बढ़ी, खुफिया एजेंसियां अलर्ट पर
रिपोर्ट के मुताबिक, इस धमाके के बाद पाकिस्तान ने राजस्थान की सीमा पर अपनी वायुसेना की पेट्रोलिंग बढ़ा दी है। पाकिस्तानी एयर फोर्स के लड़ाकू विमान लगातार सीमा क्षेत्रों में उड़ान भर रहे हैं। वहीं, खुफिया एजेंसियों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। पाकिस्तान इस हमले को “फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन” बता रहा है, यानी ऐसा हमला जो भारत ने खुद करवाया हो ताकि पाकिस्तान पर आरोप लगाया जा सके।
पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे पर जमकर बहस छिड़ी हुई है। कई पाकिस्तानी यूजर्स इसे भारतीय साजिश बता रहे हैं, जबकि अफगान यूजर्स और अंतरराष्ट्रीय विश्लेषक उन्हें फटकार लगा रहे हैं कि पाकिस्तान पहले अपने घर की स्थिति संभाले।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं – दुनिया ने जताई चिंता
इस घटना की निंदा दुनियाभर से की जा रही है। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, ईरान, मिस्र समेत कई देशों ने इसे आतंक का शर्मनाक चेहरा बताया है।
अमेरिकी दूतावास ने दिल्ली धमाके की कड़ी निंदा की है और अपने नागरिकों को चेताया है कि वे दिल्ली और आस-पास के भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें। अमेरिकी विदेश विभाग ने यह भी कहा कि वे भारत के साथ आतंकवाद के खिलाफ अपनी साझेदारी को और मजबूत करेंगे।
वहीं, ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों के लिए नई एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि वे भारत और पाकिस्तान की सीमा से कम से कम 10 किलोमीटर दूर रहें। ब्रिटिश सरकार ने अपने नागरिकों को जम्मू-कश्मीर की यात्रा करने से भी सख्त मना किया है।
फ्रांस और अन्य देशों ने जताई संवेदना
फ्रांस के दूतावास ने भी अपने नागरिकों से सतर्क रहने और भीड़ से दूर रहने की अपील की है। ईरान और मिस्र ने भी इस हमले की निंदा करते हुए भारत को आतंकवाद से निपटने के लिए पूरा सहयोग देने की बात कही है।
कई देशों ने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ एक चेतावनी बताया है और कहा है कि अब दुनिया को एकजुट होकर इस खतरे का मुकाबला करना होगा।
भारत में जांच एजेंसियां सक्रिय, सुरक्षा बढ़ाई गई
दिल्ली पुलिस, एनआईए और अन्य जांच एजेंसियों ने मिलकर जांच शुरू कर दी है। चांदनी चौक और आसपास के इलाकों में सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि कार में लगाए गए विस्फोटक उच्च क्षमता वाले थे।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) और गृहमंत्री अमित शाह ने भी सुरक्षा एजेंसियों को आदेश दिया है कि मामले की तह तक पहुंचा जाए और किसी भी साजिश को नज़रअंदाज़ न किया जाए। दिल्ली, राजस्थान, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा और बढ़ा दी गई है।
दिल्ली में हुए इस धमाके ने न केवल भारत, बल्कि पूरे दक्षिण एशिया में तनाव बढ़ा दिया है। पाकिस्तान की घबराहट और सीमा पर बढ़ी हलचल इस बात का संकेत है कि यह मामला आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी असर डाल सकता है।
दुनिया भर के देशों की निंदा और भारत में सुरक्षा व्यवस्था की सख्ती से साफ है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। अब देखना यह है कि आने वाले दिनों में इस धमाके की जांच क्या नए खुलासे करती है।



