नोएडा में SIR ड्यूटी से परेशान महिला टीचर ने इस्तीफा दिया, अधिकारियों के रवैये को बताया वजह

नोएडा में एक और महिला टीचर ने SIR (Special Intensive Revision) ड्यूटी से तंग आकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हाल ही में यह मामला सोशल मीडिया और स्थानीय न्यूज़ में तेजी से चर्चा में आया है। शिक्षामित्र (संविदा पर कार्यरत) कविता ने जिला निर्वाचन अधिकारी के नाम इस्तीफा लिखा और उसे BLO (Booth Level Officer) वॉट्सऐप ग्रुप में साझा किया।

SIR ड्यूटी क्या है और क्यों है चुनौतीपूर्ण

SIR ड्यूटी पूरे देश में तेजी से चल रहा एक अभियान है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची की समीक्षा और सुधार करना है। इस ड्यूटी में BLO की जिम्मेदारी निभाने वाले टीचर्स को फील्ड पर जाकर डेटा इकट्ठा करना, ऑनलाइन फीड करना और मतदाता सूची को अपडेट करना होता है। यह काम न केवल समय और मेहनत मांगता है, बल्कि अधिकारियों और जनता के व्यवहार का सामना भी करना पड़ता है।

कविता ने इस्तीफे में क्या लिखा

नवभारत टाइम्स के अनुसार, कविता नागर ने अपने इस्तीफे में लिखा कि उन्होंने करीब 20 साल तक सेवा दी है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों और SIR कार्य में आने वाले मानसिक तनाव के कारण उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि उन्हें फील्ड पर काम करना होता है, जहां लोगों का व्यवहार और विभागीय अधिकारियों का रवैया उन्हें मानसिक तौर पर प्रभावित कर रहा है।

कविता ने इस्तीफे में बताया कि वह नोएडा विधानसभा बूथ 737 और भाग संख्या 1357 में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि 21 का डेटा ऑनलाइन फीड करना एक लंबी प्रक्रिया है, जिसे एक दिन में पूरा करना मुश्किल है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ इस्तीफा

महिला टीचर का इस्तीफा BLO वॉट्सऐप ग्रुप पर डालते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इससे पहले भी पिंकी नाम की एक महिला टीचर ने इसी तरह SIR ड्यूटी से परेशान होकर इस्तीफा दिया था। पिंकी ने अपने इस्तीफे में लिखा कि उन्होंने 215 फॉर्म ऑनलाइन फीड किए हैं, लेकिन अब वह न तो BLO का काम कर पाएंगी और न ही बच्चों को पढ़ा पाएंगी।

हालांकि पिंकी बाद में काम पर वापस आ गईं, लेकिन कविता ने स्पष्ट किया कि मानसिक तनाव और अधिकारियों का रवैया उनकी इस्तीफे की मुख्य वजह है।

शिक्षकों पर FIR और प्रतिक्रिया

हाल के दिनों में SIR कार्य में लापरवाही के आरोप में लगभग 60 शिक्षकों पर FIR दर्ज की गई है। इस पर टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मेघराज भाटी ने कहा कि शिक्षकों पर FIR उनके अधिकारों का हनन है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर डीएम उनकी समस्या नहीं समझते हैं तो वह सीएम से मिलकर अपनी बात रखेंगे।

वहीं उप जिला निर्वाचन अधिकारी अतुल कुमार ने कहा कि अब तक किसी शिक्षक ने आधिकारिक तौर पर इस्तीफा नहीं भेजा है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा कोई इस्तीफा आता है तो जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

SIR ड्यूटी से जुड़े यह मामले यह दर्शाते हैं कि शिक्षकों पर काम का दबाव और अधिकारियों का रवैया मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है। नोएडा में कविता का इस्तीफा और इससे पहले पिंकी का कदम यह स्पष्ट करता है कि SIR जैसे अभियान में समर्थन और समझदारी की आवश्यकता है।

साथ ही यह मुद्दा यह भी उजागर करता है कि शिक्षकों और BLO को उचित प्रशिक्षण, संसाधन और सम्मान दिया जाना चाहिए, ताकि वे न केवल अपने फील्ड कार्य को अच्छे से निभा सकें बल्कि विद्यार्थियों को पढ़ाने और मतदाता सूची अपडेट करने जैसी जिम्मेदारियों को संतुलित कर सकें।

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