महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव का पहला चरण शुरू

महाराष्ट्र में बहुप्रतीक्षित स्थानीय निकाय चुनाव के पहले चरण की वोटिंग मंगलवार सुबह 7:30 बजे शुरू हो गई। राज्यभर में 242 नगर परिषदों और 46 नगर पंचायतों के लिए मतदान हो रहा है। करीब 1 करोड़ 7 लाख मतदाता 13,355 मतदान केंद्रों पर अपना लोकतांत्रिक अधिकार इस्तेमाल कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार, चुनावी प्रक्रिया 31 जनवरी 2026 तक पूरी की जानी है।

इन चुनावों में कुल 6,859 सदस्य और 264 अध्यक्ष पदों के भविष्य का फैसला होगा। राजनीतिक रूप से यह वोटिंग बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि यह विधानसभा चुनाव 2024 के बाद होने वाला पहला बड़ा जनमत परीक्षण है।

बुलढाणा में दो फर्जी मतदाता पकड़े गए

पहले चरण की वोटिंग के दौरान बुलढाणा जिले के खामगांव नगर परिषद स्थित गांधी प्राथमिक विद्यालय से दो फर्जी मतदाताओं को पकड़ा गया। दोनों ग्रामीण क्षेत्र के निवासी थे और किसी और के नाम पर वोट डालने आए थे। अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इन फर्जी मतदाताओं को मतदान केंद्र से बाहर कर दिया।

कई जिलों में ईवीएम खराब मतदान प्रभावित

सतारा, जालना और यवतमाल जिलों के कई मतदान केंद्रों पर सुबह से ही ईवीएम में खराबी की शिकायतें सामने आईं। कुछ केंद्रों पर मतदान 20 मिनट देर से शुरू हुआ, जबकि कुछ स्थानों पर मशीनें बदलने में एक घंटे से अधिक समय लगा।
जालना के भोकरदन में ईवीएम खराब होने से कई मतदाता वोट डाले बिना ही वापस लौट गए।

वाशिम जिला, धुले, और नंदुरबार के तमाम मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लंबी लाइनें देखी गईं, जहां वोटिंग शांतिपूर्ण ढंग से जारी है।

सावंतवाड़ी–मालवण में हंगामा: बीजेपी पर पैसों के वितरण का आरोप

मतदान से ठीक पहले रात में सावंतवाड़ी–मालवण नगर परिषद चुनाव क्षेत्र में हंगामा मच गया। विधायक नीलेश राणे आधी रात को पुलिस स्टेशन पहुंचे और बीजेपी कार्यकर्ताओं पर वोटरों को पैसे बांटने का आरोप लगाया। इस घटना से मतदान से पहले ही राजनीतिक माहौल गरमा गया है।

राज्य में दो बड़े गठबंधनों के बीच सीधा मुकाबला

इस बार स्थानीय निकाय चुनाव का मुख्य मुकाबला
● महायुति (भाजपा + शिवसेना शिंदे गुट + एनसीपी अजित पवार गुट)
और
● महा विकास अघाड़ी (उद्धव शिवसेना + शरद पवार एनसीपी + कांग्रेस)
के बीच है।

पिछले विधानसभा चुनावों में महायुति ने शानदार जीत दर्ज की थी, इसलिए राजनीतिक विश्लेषक इन चुनावों को सत्ता गठबंधन की लोकप्रियता का पैमाना मान रहे हैं।

24 निकायों में चुनाव स्थगित कांग्रेस ने लिखा पत्र

नामांकन रद्द होने के मामलों पर अदालत में अपील लंबित होने के कारण 24 नगर परिषदों और नगर पंचायतों के चुनाव 20 दिसंबर तक स्थगित कर दिए गए। इस फैसले पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई और राज्य निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को “अराजक” बताया। कांग्रेस नेता चव्हाण ने SEC को पत्र लिखकर चुनाव प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई।

मुंबई के लिए भारी संख्या में ईवीएम यूनिट्स सुरक्षित कराए गए

बीएमसी चुनाव की तैयारी में राज्य चुनाव आयोग ने
● 25,000 बैलेट यूनिट
● 20,000 कंट्रोल यूनिट
मुंबई को उपलब्ध कराए हैं।
इन्हें कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच विक्रोली और कांदिवली के गोदामों में रखा गया है, जहां राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

तीन दिसंबर को होने वाली मतगणना यह तय करेगी कि महायुति की विधानसभा चुनाव वाली गति स्थानीय स्तर पर भी बरकरार रहती है या महा विकास आघाड़ी सत्ता गठबंधन के प्रभुत्व को चुनौती देने में सफल होती है।
इन चुनावों को राज्य के राजनीतिक मूड का सबसे बड़ा संकेतक माना जा रहा है।

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