2026 में 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव; 3 राज्यों में बीजेपी का कभी नहीं खुला खाता

साल 2026 भारतीय राजनीति के लिहाज से बेहद अहम रहने वाला है। इस साल भारत में 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव होने हैं, जहां देश की करीब 17% आबादी अपनी सरकार चुनने जा रही है। इन राज्यों में पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी शामिल हैं। इन चुनावों में कहीं सत्ता बचाने की चुनौती है, तो कहीं पहली बार इतिहास रचने की कोशिश। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल ऐसे राज्य हैं जहां बीजेपी अब तक विधानसभा चुनाव नहीं जीत पाई है। वहीं असम में बीजेपी तीसरी बार और पुडुचेरी में दूसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है।

बंगाल में ममता का वर्चस्व

पश्चिम बंगाल में पिछले 14 साल से ममता बनर्जी मुख्यमंत्री हैं। 2026 के चुनाव में अगर टीएमसी फिर जीतती है तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। ऐसा करने वाली वे देश की पहली मुख्यमंत्री होंगी। अब तक यह रिकॉर्ड तमिलनाडु की जयललिता के नाम है, जो 5 बार मुख्यमंत्री बनीं, लेकिन उनके कार्यकाल लगातार नहीं थे। इस चुनाव में ममता के सामने बीजेपी मुख्य चुनौती बनी हुई है।

असम में बीजेपी तीसरी बार सत्ता की कोशिश

असम में पिछले 10 साल से बीजेपी की सरकार है। पार्टी तीसरे कार्यकाल के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीते 6 महीनों में तीन बार असम का दौरा कर चुके हैं। बीजेपी ने 126 सीटों वाली विधानसभा में 100 से ज्यादा सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। यहां बांग्लादेशी घुसपैठ, सीमा सुरक्षा और असमिया पहचान बड़े मुद्दे हैं। बीजेपी को रोकने के लिए कांग्रेस ने 8 पार्टियों के साथ गठबंधन किया है।

तमिलनाडु और केरल में किसका पलड़ा भारी?

तमिलनाडु देश का इकलौता राज्य है जहां पिछले 60 साल से कांग्रेस या बीजेपी की सरकार नहीं बनी। यहां की राजनीति पर डीएमके और एआईएडीएमके का दबदबा रहा है। इस बार बीजेपी एआईएडीएमके के साथ गठबंधन कर सकती है। वहीं सुपरस्टार विजय की पार्टी टीवीके भी चुनावी मैदान में उतर चुकी है, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
केरल देश का एकमात्र राज्य है जहां अभी भी लेफ्ट की सरकार है। यहां लंबे समय से सत्ता बदलने की परंपरा रही है, लेकिन 2021 में एलडीएफ ने लगातार दूसरी बार सरकार बनाकर इतिहास तोड़ा। कांग्रेस गठबंधन इस बार एंटी-इनकम्बेंसी को मुद्दा बनाकर वापसी की कोशिश में है। बीजेपी अब तक केरल में एक भी विधानसभा सीट नहीं जीत पाई है, हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव में त्रिशूर सीट और दिसंबर 2025 में तिरुवनंतपुरम नगर निगम बीजेपी ने जीता था।

पुडुचेरी में कांग्रेस की वापसी की कोशिश

पुडुचेरी देश की सबसे कम सीटों वाली विधानसभा है। 2021 में कांग्रेस सरकार गिरने के बाद एआईएनआरसी-बीजेपी गठबंधन सत्ता में आया और एन. रंगासामी मुख्यमंत्री बने। यह पहली बार था जब बीजेपी सीधे तौर पर पुडुचेरी में सत्ता का हिस्सा बनी। इस बार कांग्रेस डीएमके के साथ गठबंधन कर सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है और सरकार गिरने के मुद्दे को एंटी-इनकम्बेंसी में बदलना चाहती है।
2026 के ये चुनाव न सिर्फ राज्य स्तर पर, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति को भी प्रभावित करेंगे। कहीं इतिहास बनेगा तो कहीं पुराना रिकॉर्ड टूटेगा। सभी की नजरें इन पांच राज्यों पर टिकी हुई हैं।

यह भी पढ़े

https://www.tarangvoice.com/maharashtra-celebration-of-bjps-victory-today-at-630-pm-at-gadkaris-residence-in-nagpur-enthusiasm-among-party-workers-at-its-peak/

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here