रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ पर बलूच नेता का गुस्सा: विवाद और सच्चाई

रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन गई है। हालांकि, इस बार यह विवाद भारत में नहीं बल्कि बलूचिस्तान में अधिक तेज़ी से फैल रहा है। फिल्म में बलूच समुदाय की कथित रूप से गलत छवि पेश किए जाने के कारण बलूच नेता मीर यार बलूच ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है। मीर यार का कहना है कि बलोच लोग पाकिस्तान के उत्पीड़न का शिकार हैं और भारत-विरोधी नहीं हैं। उन्होंने फिल्म में एक विशेष डायलॉग पर आपत्ति जताई “मगरमच्छ पर भरोसा कर सकते हैं, बलूच पर नहीं।”

बलूच नेता ने अपनी सफाई पेश की

मीर यार बलूच ने सोशल मीडिया पर लंबा पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने बलूच समुदाय के दृष्टिकोण को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि बलोच कभी भी ISI या किसी आतंकवादी गतिविधि के लिए काम नहीं करते, और हमेशा अपने देश और अन्य देशों के प्रति सम्मान रखते हैं। मीर यार ने यह भी कहा कि बलूच लोगों का इतिहास और संस्कृति हमेशा वफादारी, ईमानदारी और नैतिकता से भरा हुआ है। उनके अनुसार, फिल्म ने बलूचिस्तान के स्वतंत्रता सेनानियों और उनके संघर्ष को भी सही ढंग से प्रस्तुत नहीं किया।

फिल्म ने गलत छवि पेश की

मीर यार ने यह स्पष्ट किया कि फिल्म ने बलूच समुदाय को गलत ढंग से पेश किया। उन्होंने बताया कि बलूच लोगों का आतंकवाद या आतंकवादियों से कोई संबंध नहीं है। फिल्म में बलूचों को मानों भारत के विरोधी तत्वों के साथ जोड़कर दिखाया गया है, जो सच्चाई के बिल्कुल विपरीत है। मीर यार ने बलूच संस्कृति और उनके संघर्ष की सच्चाई को उजागर किया और कहा कि बलूच स्वतंत्रता सेनानी हमेशा हथियारों और संसाधनों की कमी के बावजूद अपने अधिकारों और स्वतंत्रता के लिए लड़ रहे हैं।

भारत के प्रति वफादारी और बलूच इतिहास

मीर यार बलूच ने बलूच लोगों की भारत के प्रति वफादारी पर जोर दिया। उनका कहना है कि बलूच कभी भी भारत के खिलाफ कार्य नहीं करते और हमेशा अपने मित्र देशों के साथ सम्मानपूर्ण संबंध बनाए रखते हैं। उन्होंने फिल्म के कथित नकारात्मक चित्रण को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि बलूच संस्कृति में ‘एक गिलास पानी की कीमत 100 साल की वफादारी’ होती है। बलूच अपने दोस्तों और शुभचिंतकों के साथ कभी विश्वासघात नहीं करते।

भविष्य में सही प्रस्तुति की उम्मीद

मीर यार बलूच ने उम्मीद जताई कि भविष्य में कोई नई फिल्म बनाई जाएगी, जिसमें बलूच समुदाय की सच्ची दोस्ती, ऐतिहासिक संघर्ष और पाकिस्तान के खिलाफ साझा लड़ाई को सही ढंग से पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बलूचों के योगदान और बलूचिस्तान की संस्कृति को सम्मान और वास्तविकता के साथ दिखाना आवश्यक है।

रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ ने न केवल भारतीय दर्शकों का ध्यान खींचा है, बल्कि बलूचिस्तान में भी एक बड़ी बहस छेड़ दी है। मीर यार बलूच का स्पष्ट संदेश है कि बलूच समुदाय का आतंकवाद या किसी देश के विरोध में कोई योगदान नहीं है। उन्होंने बलूच संस्कृति, स्वतंत्रता आंदोलन और भारत के प्रति अपने सम्मान को उजागर किया। यह विवाद दर्शाता है कि फिल्मी प्रस्तुतियाँ केवल मनोरंजन नहीं होतीं, बल्कि समुदायों और उनके इतिहास को प्रभावित करने की क्षमता भी रखती हैं।

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