मणिकर्णिका विवाद पर भड़के सीएम योगी; काशी की विरासत को बदनाम करने की साजिश, झूठी तस्वीरों से बदनाम किया
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भारत की विरासत को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। कुछ लोग काशी को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। आज काशी का प्राचीन स्वरूप लौट रहा है। काशी को पहले सम्मान नहीं मिलता था।
सीएम योगी ने काशी के विकास पर जोर देते हुए कहा कि 2014 के पहले काशी में श्रद्धालुओं की संख्या कम थी। आज औसतन सवा लाख से डेढ़ लाख लोग प्रतिदिन बाबा के दर्शन कर रहे हैं। हमारी सरकार में काशी को वैश्विक पहचान मिली है।
मंदिरों के पुनरुद्धार पर विपक्ष को घेरा
योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि मंदिर तोड़े नहीं गए, उनका पुनरुद्धार हुआ है। मंदिर तोड़े जाने की बात कहना सफेद झूठ है। उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि अहिल्याबाई होल्कर को कांग्रेस ने सम्मान नहीं दिया। सोशल मीडिया के जरिए झूठी तस्वीरें प्रसारित हो रही हैं। 3-4 दिनों से तमाम अनर्गल तस्वीरें प्रस्तुत की जा रही हैं। ये वही लोग हैं जिन्होंने विरासत का सम्मान नहीं किया। शरारत से विरासत को बदनाम करने से बाज नहीं आ रहे हैं।
काशी को देश से जोड़ने का माध्यम बताया नमो घाट
सीएम ने काशी के विकास को रेखांकित करते हुए कहा कि काशी का नमो घाट पूरे देश को जोड़ने का माध्यम है। काशी तमिल संगमम के जरिए पूरा देश जुड़ा है। 2014 से पहले काशी की गलियां सभी ने देखी। आज काशी में शिक्षा, स्वास्थ्य के नए हाईटेक केंद्र हैं। 2014 से पहले गंगाजल स्नान लायक नहीं था।
योगी आदित्यनाथ के इस बयान से साफ है कि काशी के विकास और विरासत को लेकर विपक्ष के खिलाफ उनका रुख सख्त है। उन्होंने विकास को अपनी सरकार की उपलब्धि बताते हुए विपक्ष पर साजिश रचने का आरोप लगाया।
यह भी पढ़े




