घने कोहरे, शीतलहर और प्रदूषण से जनजीवन प्रभावित; जानें सावधानियों और प्रभावित क्षेत्रों की पूरी जानकारी

उत्तर भारत में इस समय मौसम बेहद सख्त है। पश्चिमी विक्षोभ, जेट स्ट्रीम और घने कोहरे के प्रभाव से तापमान में गिरावट और सर्दी का प्रभाव बढ़ गया है। मौसम विभाग के 24 दिसंबर, 2025 के बुलेटिन के अनुसार, कई राज्यों में कोहरा, ठंडी हवाएं और न्यूनतम तापमान में गिरावट जारी है। यह स्थिति आम जनजीवन और यातायात पर भी असर डाल रही है।

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया गया है। पहाड़ी इलाकों में आगामी दिनों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है। वहीं, दिल्ली-एनसीआर में दृश्यता बेहद कम हो गई है और वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंच चुकी है। सर्दी के कारण लोगों को बाहर निकलते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

उत्तराखंड में कोहरा और ठंडी हवाएं

उत्तराखंड के मैदानी जिलों देहरादून, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल, चंपावत और पौड़ी में 24 दिसंबर को घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में सुबह और रात के समय दृश्यता घट सकती है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार, 27 दिसंबर तक प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन 28 और 29 दिसंबर को पहाड़ी जिलों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। ऊधम सिंह नगर, चंपावत और नैनीताल में दिन का तापमान भी ठंडा रहने का अनुमान है।

हिमाचल प्रदेश में सर्दी का प्रकोप

हिमाचल प्रदेश के निचले पहाड़ी क्षेत्रों में शीतलहर का असर देखा जा रहा है। मौसम केंद्र शिमला के अनुसार, राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन अगले 48 घंटों में न्यूनतम तापमान में 3–4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। 27 दिसंबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे 28 और 29 दिसंबर को ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी संभव है।

कश्मीर घाटी में सर्दी चरम पर

कश्मीर घाटी में इस समय न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया जा रहा है। श्रीनगर में तापमान -3 से -4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पाले का खतरा बना हुआ है। पर्यटकों को बर्फीली ठंड का आनंद लेने के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

दिल्ली-एनसीआर में कोहरा और प्रदूषण

दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में घने कोहरे के कारण दृश्यता केवल 50–100 मीटर तक रह गई है। दिन में हल्की धूप निकलने की संभावना है, लेकिन ठंडी हवाओं के कारण सर्दी का प्रभाव बना रहेगा। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है, जिससे लोगों को सांस लेने में कठिनाई और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

घने कोहरे का प्रभाव और सुरक्षा उपाय

घना कोहरा न केवल दृश्यता घटाता है, बल्कि स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर डालता है। फेफड़ों और श्वसन तंत्र के रोगियों, जैसे अस्थमा और ब्रोंकाइटिस के मरीजों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। प्रदूषित हवा आंखों और त्वचा को भी प्रभावित कर सकती है।

सड़क पर वाहन चलाते समय धीमी गति अपनाएं और हेडलाइट का प्रयोग करें। अनावश्यक बाहर निकलने से बचें और बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर ध्यान दें।

समुद्री क्षेत्रों में तूफानी हवाएं

दक्षिण भारत के समुद्री क्षेत्रों में हवाओं की गति 45–55 किमी प्रति घंटे से बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। मछुआरों को इन क्षेत्रों में समुद्री गतिविधियों से बचने की सलाह दी गई है।

उत्तर भारत और कुछ पूर्वी एवं मध्य भारतीय राज्यों में इस समय ठंड, कोहरा और गिरते तापमान का असर स्पष्ट है। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में घने कोहरे की संभावना बनी हुई है। नागरिकों को मौसम विभाग की चेतावनी का पालन करते हुए सुरक्षा उपायों का ध्यान रखना चाहिए। स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को देखते हुए विशेष सतर्कता और आवश्यक तैयारियों की सलाह दी गई है।

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