दर्द की दवा कैसे काम करती है? जानिए वो विज्ञान जो आपको तुरंत राहत देता है
Do you know: सिरदर्द हो, पीठ दर्द, जोड़ों का दर्द या चोट लगने का दर्द ज्यादातर लोग बस एक गोली खाकर आराम महसूस कर लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वो छोटी-सी टैबलेट आपके शरीर में क्या कमाल करती है? दर्द की दवा कोई जादू नहीं, बल्कि एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है जो दिमाग और नसों को धोखा देकर दर्द को कम या खत्म कर देती है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि ये दवाएं कैसे काम करती हैं और क्यों कभी-कभी वो असर नहीं दिखातीं।
सबसे पहले समझिए दर्द कैसे बनता है?
जब आपके शरीर में कहीं चोट लगती है, सूजन होती है या कोई नस दब जाती है, तो वहां प्रोस्टाग्लैंडिंस नाम के रसायन बनते हैं। ये रसायन नसों के सिरों को उत्तेजित करते हैं और दर्द का सिग्नल रीढ़ की हड्डी से होते हुए दिमाग तक पहुंचाते हैं। दिमाग इस सिग्नल को “दर्द” के रूप में महसूस करता है।
दर्द की दवाएं इसी पूरी प्रक्रिया में कहीं न कहीं हस्तक्षेप करती हैं। दर्द की मुख्य दवाएं और उनका असली कमालपैरासिटामोल सबसे आम और सुरक्षित दर्द निवारक।
कैसे काम करता है दर्द की दवा?
पैरासिटामोल दिमाग में दर्द के सिग्नल को कमजोर कर देता है। यह प्रोस्टाग्लैंडिंस के उत्पादन को रोकता है, लेकिन शरीर की सूजन पर ज्यादा असर नहीं करता। 30-60 मिनट में दवा दर्द से राहत देना शुरू कर देता है। सबसे खास बात पेट को नुकसान नहीं पहुंचाता, लेकिन ज्यादा मात्रा में लीवर को चोट पहुंचा सकता है।
आईबुप्रोफेन, डाइक्लोफेनैक, नेप्रोक्सेन, एस्पिरिन (NSAIDs) ये दर्द के साथ सूजन भी कम करती हैं (जैसे जोड़ों का दर्द, मांसपेशियों में खिंचाव)। ये दवाएं COX-1 और COX-2 एंजाइम को ब्लॉक कर देती हैं। ये एंजाइम प्रोस्टाग्लैंडिंस बनाते हैं, जो दर्द और सूजन का कारण होते हैं। एंजाइम रुकते ही प्रोस्टाग्लैंडिंस कम बनते हैं और दर्द-सूजन दोनों कम हो जाते हैं। खास बात ये है कि पेट में अल्सर या एसिडिटी का खतरा बढ़ा सकता है, इसलिए खाने के साथ लें। टॉपिकल दर्द निवारक जेल, क्रीम या स्प्रे के रूप में ये त्वचा के जरिए सीधे प्रभावित जगह पर पहुंचते हैं। स्थानीय रूप से COX एंजाइम को ब्लॉक करते हैं और प्रोस्टाग्लैंडिंस को कम करते हैं। शरीर में ज्यादा अवशोषित नहीं होते, इसलिए साइड इफेक्ट बहुत कम। खास बात ये है कि मांसपेशियों के दर्द, मोच और चोट में सबसे अच्छा असर।
दर्द की दवा क्यों कभी-कभी काम नहीं करती?
दर्द की वजह गंभीर हो जैसे हर्निया, डिस्क स्लिप में दवा सही मात्रा में न ली जाए तो दवा काम नही करती है। शरीर ने दवा के प्रति प्रतिरोध टॉलरेंस बना लिया हो तब भी ये काम नहीं करता है। दर्द न्यूरोपैथिक (नसों का दर्द) हो, जिसके लिए अलग दवाएं लेना पड़ता है।
याद रखने वाली बातें ये है कि दर्द की दवा दर्द का इलाज नहीं करती, सिर्फ राहत देती है। असली वजह का पता लगाकर डॉक्टर से इलाज करवाएं। लंबे समय तक बिना सलाह दवा न लें। अगली बार जब आप दर्द की गोली लें, तो सोचिएगा ये छोटी गोली आपके दिमाग और नसों के साथ कितना बड़ा खेल खेल रही है!
डिस्क्लेमरः ये जानकारी सामान्य ज्ञान, वैज्ञानिक तथ्यों और सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है। यह चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। दर्द की दवा या किसी भी दवा का सेवन करने से पहले हमेशा किसी योग्य चिकित्सक या डॉक्टर से परामर्श लें। दवाओं की मात्रा, साइड इफेक्ट्स और उपयोग व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति, एलर्जी और अन्य दवाओं के आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी निर्णय के लिए कृपया चिकित्सकीय विशेषज्ञ से संपर्क करें। TARANG VOICE किसी भी प्रकार की चिकित्सा जिम्मेदारी नहीं लेता है।
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