ग्रुप मैच में वैभव ने दिखाई अपनी बल्लेबाजी की रौद्र शक्ति
अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया ने जिम्बाब्वे के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया, जिसमें 14 साल के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपने बल्ले से सभी को हैरान कर दिया। ग्रुप मैच में वैभव ने महज 24 गेंदों में 50 रन पूरे कर लिए और इस प्रदर्शन से भारतीय टीम को शुरुआती ओवरों में बड़ी बढ़त मिली। वैभव ने अपने अर्धशतक के लिए 4 चौके और 4 छक्के लगाए। हालांकि, फिफ्टी पूरी करते ही उन्हें आउट होना पड़ा। चिमुगोरो ने उन्हें मुदजेंगेरे के हाथों कैच आउट कराया। वैभव ने कुल 30 गेंदों में 52 रन बनाए और अपनी बल्लेबाजी से पूरे मैच का खेल बदल दिया।
वैभव की पारी का असर
वैभव की पारी के दौरान भारत ने केवल 10.2 ओवर में 100 रन पूरे कर लिए। जब समाचार लिखे जाने तक टीम इंडिया ने 11 ओवर में 3 विकेट पर 101 रन बनाए थे। वैभव की पारी ने टीम इंडिया को शानदार शुरुआत दिलाई और मैच की दिशा बदलने में मदद की।
झटके भी लगे जल्दी
भारतीय टीम का पहला विकेट 54 रन पर गिरा, जब आरोन जॉर्ज 16 गेंद में 23 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद वैभव और कप्तान आयुष महात्रे ने बेहतरीन बल्लेबाजी की। लेकिन 100 रन पूरे होते ही आयुष महात्रे 21 रन बनाकर आउट हुए। उसी ओवर की 5वीं गेंद पर वैभव भी आउट हो गए। इस प्रकार, भारतीय टीम को पारी के शुरुआती हिस्से में बड़ा झटका लगा।
7वें ओवर में वैभव का रौद्र रूप
वैभव ने अपने बल्लेबाजी के दौरान असली रौद्र रूप 7वें ओवर में दिखाया। पान्शे मजाई के ओवर में उन्होंने कई जोरदार छक्के और चौके लगाए।
ओवर की दूसरी गेंद पर वैभव ने बैट का स्विंग दिखाते हुए गेंद को स्क्वॉयर लेग बाउंड्री पर चौके के लिए भेजा। अगली ही गेंद पर लॉन्ग ऑन के ऊपर से जबरदस्त छक्का लगाया। ओवर की पांचवी गेंद पर एक और छक्का मारकर वैभव ने ओवर में कुल 18 रन भारत के खाते में जोड़े। इस ओवर ने दर्शकों को उनके खेल की ताकत और रौद्रता का अहसास दिलाया।
आयुष महात्रे की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी
कप्तान आयुष महात्रे भी शानदार फॉर्म में नजर आए। 8वें ओवर में उन्होंने लगातार दो गेंद पर चौका और छक्का जड़ दिया। जिम्बाब्वे के गेंदबाज वेबस्टर मधीदी के ओवर की चौथी और पांचवीं गेंद पर आयुष ने पहले छक्का और फिर चौका लगाया। हालांकि उनकी पारी लंबी नहीं चली और वे जल्दी आउट हो गए।
वैभव की दूसरी फिफ्टी
इस अंडर-19 वर्ल्ड कप में यह वैभव की दूसरी फिफ्टी है। उनकी आक्रामक और तेज़ बल्लेबाजी ने भारत को शानदार शुरुआत दिलाई और टीम इंडिया के लिए मैच को आसान बनाने की राह खोल दी।
भारतीय टीम का लाभ
वैभव और आयुष की साझेदारी ने शुरुआती ओवरों में भारतीय टीम को आत्मविश्वास दिया। उनकी बल्लेबाजी के कारण टीम ने कम ओवरों में बड़ी संख्या में रन बनाए। हालांकि जल्दी विकेट गिरने से टीम को कुछ झटके जरूर लगे, लेकिन वैभव की धमाकेदार पारी ने मैच में भारत के लिए स्थिति मजबूत कर दी। 14 साल के वैभव सूर्यवंशी की पारी ने इस अंडर-19 वर्ल्ड कप में सभी को प्रभावित किया। तेज़ गति से रन बनाने और आक्रामक खेल से उन्होंने साबित किया कि टीम इंडिया की अगली पीढ़ी में काफी प्रतिभा है। जिम्बाब्वे के खिलाफ उनके प्रदर्शन ने यह दर्शाया कि वैभव भविष्य में भारतीय क्रिकेट का एक प्रमुख सितारा बन सकते हैं।
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