‘सिकंदर’ की फ्लॉपिंग के बाद उठे आरोपों का जवाब
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की शूटिंग टाइमिंग फिर चर्चा में आ गई है। साल 2024 में आई फिल्म ‘सिकंदर’ के फ्लॉप होने के बाद डायरेक्टर AR मुरुगादोस ने फिल्म की नाकामी का दोष सलमान की शूटिंग लेट आने की आदत पर मढ़ दिया था। मुरुगादोस ने इंटरव्यू में बताया था कि सलमान सेट पर अक्सर देर से आते थे, जिसके कारण पूरी टीम को रात तक इंतजार करना पड़ता था। इस वजह से कई सीन को रात में शूट करना पड़ा और छोटे बच्चों को भी देर रात तक काम करना पड़ा।
‘बैटल ऑफ गलवान’ में सलमान ने किया स्पष्ट बयान
लेकिन अब सलमान ने ‘बैटल ऑफ गलवान’ के सेट पर इस मुद्दे को स्पष्ट कर दिया है। लीड एक्टर और प्रोड्यूसर अपूर्व लाखिया के साथ बैठकर उन्होंने कहा, “मैं अपना वर्क रिदम नहीं बदल सकता, लेकिन मैं आपको सही समय जरूर बताऊंगा। अगर मैं कहूं कि मैं शाम 6 बजे आऊंगा, तो मैं ठीक 6 बजे पहुंच जाऊंगा।” सलमान के इस स्पष्ट बयान के बाद पूरी शूटिंग का शेड्यूल उनके हिसाब से प्लान किया गया।
कैमरे के सामने और पीछे दोनों जगह एक्टिव
सलमान कैमरे के सामने मेहनत कर रहे हैं, लेकिन सिर्फ एक्टिंग तक ही सीमित नहीं हैं। वे कैमरे के पीछे भी काफी सक्रिय हैं और फिल्म की एडिटिंग में भी हाथ आजमा रहे हैं। बताया जा रहा है कि फिल्म के क्रेडिट में उन्हें को-एडिटर के रूप में भी शामिल किया जा सकता है। यह दिखाता है कि सलमान सिर्फ एक अभिनेता नहीं बल्कि पूरी फिल्म की प्रोडक्शन प्रक्रिया में भी सक्रिय योगदान दे रहे हैं।
टीम के लिए सकारात्मक माहौल
इस कदम से सलमान ने यह स्पष्ट कर दिया कि वे अपनी आदतों और वर्क रिदम को बदलने वाले नहीं हैं, लेकिन सहयोग और समन्वय के लिए वह पूरी कोशिश करेंगे। अपूर्व लाखिया ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से लिया और फिल्म का शेड्यूल सलमान के अनुसार तैयार किया। इस बातचीत से सेट पर काम करने का माहौल व्यवस्थित हुआ और सभी विभागों को शूटिंग टाइमिंग के हिसाब से अपना काम करने का मौका मिला।
सिकंदर विवाद से लिया सबक
‘सिकंदर’ की घटना और उसके बाद उठे आरोपों को सलमान ने सीधे संवाद और स्पष्ट समझौते के जरिए सुलझा दिया। यह उदाहरण दर्शाता है कि बड़े सितारे भी अपनी आदतों के साथ खुले संवाद और सहयोग से काम कर सकते हैं। सलमान का यह एटीट्यूड न केवल फिल्म की गुणवत्ता को बेहतर बनाएगा बल्कि सेट पर सभी के लिए सकारात्मक माहौल भी बनाएगा।
सलमान खान ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे सिर्फ बड़े स्टार नहीं हैं, बल्कि काम के प्रति गंभीर और जिम्मेदार हैं। ‘बैटल ऑफ गलवान’ के सेट पर उन्होंने यह संदेश दिया कि चाहे शूटिंग टाइमिंग हो या फिल्म एडिटिंग, हर कदम पर वे सक्रिय और पेशेवर हैं। सलमान की यह सोच और प्रोफेशनलिज्म न केवल फिल्म को सफलता दिलाने में मदद करेगा, बल्कि बाकी कलाकारों और तकनीशियन के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।




