धर्म और परंपरा पर श्रुति हासन का नजरिया
अभिनेत्री श्रुति हासन ने हाल ही में अपने परिवार और upbringing को लेकर कई खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि उनके घर में भगवान या धार्मिक प्रथाओं की कोई जगह नहीं है। श्रुति के अनुसार, उनका परिवार नास्तिक है और धर्म पर भरोसा नहीं करता। उनके पिता, सिनेमा के दिग्गज अभिनेता कमल हासन, धर्म, टैटू और एस्ट्रोलॉजी जैसी चीज़ों से नफरत करते हैं। श्रुति हासन ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके घर में मंगलवार या किसी भी दिन नॉन-वेज खाने पर कोई रोक नहीं है। परिवार में यह खुलापन उनके सोच और आदतों में दिखाई देता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उनके घर में परंपराओं या धार्मिक नियमों का दबाव नहीं है।
फिल्मों में श्रुति हासन की पहचान
श्रुति हासन ने हिंदी, तमिल और तेलुगु सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कई प्रमुख फिल्मों में काम किया है, जिनमें शामिल हैं:
सालार: पार्ट 1 – सीजफायर (2023), गब्बर सिंह (2012), रेस गुर्रम (2014), श्रीमान्थुडु (2015), तमिल फिल्म 3 (2012) इन फिल्मों में उनके अभिनय को दर्शकों और आलोचकों दोनों ने सराहा है। श्रुति ने बिना किसी परिवारिक सहारे के अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर खुद को इंडस्ट्री में स्थापित किया।
बचपन और भाषा सीखने का अनुभव
श्रुति ने अपने बचपन के अनुभव भी साझा किए। उनका पालन-पोषण हिंदी और तमिल भाषाओं के बीच हुआ। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता चाहते थे कि वे दोनों भाषाओं में समान रूप से कुशल हों। घर में केवल तमिल बोलने की वजह से उन्हें शुरुआती वर्षों में हिंदी सीखने में कुछ कठिनाई हुई। इस अनुभव ने उनके व्यक्तित्व में धैर्य और अनुकूलनशीलता विकसित की। उन्होंने बताया कि परिवार में स्वतंत्रता और खुलापन उनकी सोच और करियर की दिशा तय करने में मददगार रहा।
खुलापन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता
श्रुति हासन का मानना है कि उनके परिवार ने बच्चों को अपनी सोच और फैसले खुद लेने की स्वतंत्रता दी। नास्तिक परवरिश और धार्मिक विश्वासों की अनुपस्थिति ने उन्हें यह समझने का अवसर दिया कि जीवन में नैतिकता और जिम्मेदारी धर्म पर निर्भर नहीं करती। श्रुति के अनुभव यह दर्शाते हैं कि खुले विचारों और स्वतंत्र परिवार में पलने वाले व्यक्ति अपने करियर और निजी जीवन में संतुलन बना सकते हैं। उन्होंने अपने अनुभव साझा करके युवा दर्शकों को यह संदेश भी दिया कि परिवार की परवरिश में समझदारी, शिक्षा और स्वतंत्रता महत्वपूर्ण होती है। श्रुति हासन ने अपने जीवन, परिवार और करियर के बारे में खुलकर बातचीत की। उनके खुलापन, परिवार की नास्तिक परवरिश और अपने करियर में मेहनत ने उन्हें सिनेमा की दुनिया में अलग पहचान दिलाई है। उनके अनुभव यह सिखाते हैं कि धर्म या परंपराओं का पालन करना जरूरी नहीं, बल्कि व्यक्ति की सोच और निर्णय उसकी सफलता और संतुलन तय करते हैं। श्रुति हासन आज भी इंडस्ट्री में अपनी कला और प्रतिभा से नए मानक स्थापित कर रही हैं और दर्शकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं।
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