“यह मेरे लिए घर जैसा है” अभिनेत्री ने बताया अपने फिल्म निर्माण के मकसद और बदलाव की सोच
अभिनेत्री श्वेता त्रिपाठी अब केवल पर्दे पर ही नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे भी अपनी छाप छोड़ रही हैं। हाल ही में उन्होंने बतौर प्रोड्यूसर अपनी पहली क्वीर फिल्म ‘मुझे जान ना कहो मेरी जान’ की घोषणा की। इस फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रही हैं तिलोत्तमा शोम। फिल्म की शूटिंग इसी साल शुरू होने की संभावना है। इसके अलावा श्वेता ने क्वीर नाटक ‘कॉक’ का निर्माण भी किया है, जिसे कई शहरों में सराहा गया। श्वेता का कहना है कि महिला केंद्रित और क्वीर कहानियों के निर्माण के मामले में यह उनके लिए व्यक्तिगत रूप से बहुत मायने रखता है। उनका मानना है कि अगर समाज में किसी तरह का बदलाव देखना है, तो इसके लिए स्वयं कदम उठाना जरूरी है।
बदलाव का हिस्सा बनना ज़रूरी
श्वेता ने कहा, “महिलाओं और क्वीर जीवन की कहानियां हमेशा से मौजूद रही हैं, लेकिन उन्हें वह सम्मान और स्थान नहीं मिला जिसके वे हकदार हैं। अगर मुझे अब चुनने और फिल्में बनाने का अवसर मिला है, तो यह मेरी जिम्मेदारी है कि मैं इसे सही दिशा में उपयोग करूं।” उनके अनुसार कई कहानियां साधारण, कोमल और रोजमर्रा की होती हैं। ये हमेशा स्पष्ट रूप से सामने नहीं आतीं, लेकिन अपने दर्शकों के साथ गहराई से जुड़ जाती हैं। श्वेता चाहती हैं कि उनकी फिल्में मानवता से भरी, त्रुटिपूर्ण और जानी-पहचानी सी लगें। यही सोच वे समलैंगिक जीवन और क्वीर कहानियों पर भी लागू करना चाहती हैं।
“मैं इसी रास्ते पर चलना चाहती हूं”
अभिनेत्री आगे बताती हैं, “मुझे लगता है कि यही वह रास्ता है जिस पर मैं चलना चाहती हूं। महिलाओं द्वारा निर्देशित विषयों का समर्थन करना, क्वीर आवाजों को बढ़ावा देना और अपने फैसलों में ईमानदार रहना – यह मुझे सही लगता है और इसे करना मेरे लिए घर जैसा महसूस होता है।” उनके अनुसार प्रोड्यूसर बनने का मतलब केवल फिल्म बनाना नहीं है, बल्कि कलाकारों और कहानियों को सही मंच देना भी है। यह उनके लिए एक बड़े उद्देश्य का हिस्सा है, जिसमें वह खुद को पूरी तरह शामिल महसूस करती हैं।
वर्कफ्रंट: ‘मिर्जापुर: द मूवी’
वर्कफ्रंट की बात करें तो श्वेता त्रिपाठी जल्द ही ‘मिर्जापुर: द मूवी’ में नजर आएंगी। वेब सीरीज के तीन सीजन के बाद अब मेकर्स इस लोकप्रिय फ्रेंचाइज़ी पर फिल्म लेकर आ रहे हैं। यह फिल्म 4 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म में वेब सीरीज के मुख्य कलाकारों के साथ कई नए कलाकार भी शामिल हुए हैं। इसमें पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु शर्मा, श्वेता त्रिपाठी, श्रिया पिलगांवकर, रसिका दुग्गल, हर्षिता गौर, जितेंद्र कुमार और रवि किशन जैसे कलाकार नजर आएंगे। फिल्म की कहानी और अनुभव दर्शकों को वेब सीरीज के रोमांच और नए ट्विस्ट के साथ सिनेमाघरों में बांधे रखेगी।
महिला और क्वीर फिल्म निर्माण में श्वेता की भूमिका
श्वेता त्रिपाठी की यह पहल न केवल उनके व्यक्तिगत करियर के लिए अहम है, बल्कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं और क्वीर समुदाय के लिए सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। उनका मानना है कि ऐसे विषयों पर फिल्में बनाकर और उन्हें दर्शकों तक पहुंचाकर ही समाज में स्वीकार्यता और समझ बढ़ सकती है। श्वेता का अनुभव बताता है कि कलाकार के रूप में अपने उद्देश्य के प्रति ईमानदार रहना और साहसिक कदम उठाना कितना महत्वपूर्ण होता है। उनकी सोच और फिल्म निर्माण की दिशा नई पीढ़ी के कलाकारों और दर्शकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है। इस तरह श्वेता त्रिपाठी अब केवल अभिनेत्री नहीं, बल्कि एक ऐसी निर्माता भी बन चुकी हैं जो महिला और क्वीर कहानियों को सम्मान और मंच देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह उनके लिए घर जैसा महसूस होने वाला कार्य है, जिसमें वह कला और सामाजिक संदेश दोनों को एक साथ जोड़ रही हैं।
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