साढ़े तीन लाख करोड़ के निवेश से यमुना सिटी बनेगी टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का नया केंद्र

उत्तर प्रदेश में तकनीकी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नजदीक यमुना सिटी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब विकसित करने की तैयारी शुरू हो चुकी है। यह राज्य का लखनऊ के बाद दूसरा एआई हब होगा, जिसे करीब 250 एकड़ भूमि में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना में साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की संभावना जताई जा रही है, जिससे क्षेत्र की आर्थिक और तकनीकी तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।

हैदराबाद की कंपनी ने दिखाई रुचि

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए हैदराबाद स्थित एएम ग्रीन कंपनी ने नोएडा एयरपोर्ट के आसपास 250 एकड़ जमीन की मांग की है। कंपनी के प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में यमुना सिटी क्षेत्र का दौरा किया और संभावित स्थानों का निरीक्षण किया। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के अधिकारियों के अनुसार, यह दौरा काफी सकारात्मक रहा और परियोजना को लेकर कंपनी गंभीर नजर आ रही है।

दावोस बैठक से मिली परियोजना को रफ्तार

यीडा के सीईओ आरके सिंह ने जानकारी दी कि इस एआई हब की नींव वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, दावोस में आयोजित बैठक के दौरान पड़ी थी। उस दौरान एएम ग्रीन कंपनी के प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना से मुलाकात कर राज्य में एआई आधारित इकोसिस्टम विकसित करने की इच्छा जाहिर की थी। इसके बाद से इस दिशा में लगातार बातचीत और योजना पर काम किया जा रहा है।

यीडा पहुंचा कंपनी का प्रतिनिधिमंडल

बुधवार को कंपनी के ईवीपी और सीईओ नवजीत गिल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल यीडा कार्यालय पहुंचा। यहां उनकी मुलाकात यीडा के सीईओ आरके सिंह से हुई। बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल को यमुना सिटी के औद्योगिक सेक्टर, बेहतर कनेक्टिविटी, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और क्षेत्र से गुजरने वाले प्रमुख एक्सप्रेसवे की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि यह क्षेत्र बड़े निवेश और हाई-टेक परियोजनाओं के लिए बेहद उपयुक्त है।

250 एकड़ में बनेगी एआई सिटी

बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल ने सेक्टर-8 और सेक्टर-28 के आसपास की भूमि का निरीक्षण किया। यहां एआई हब विकसित करने के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी की संभावनाओं का आकलन किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, कंपनी का दौरा संतोषजनक रहा और आने वाले समय में इस परियोजना को लेकर औपचारिक प्रस्ताव सामने आ सकता है।

डाटा सेंटर, रिसर्च लैब और स्टार्टअप्स को मिलेगा ठिकाना

प्रस्तावित एआई हब में अत्याधुनिक डाटा सेंटर, रिसर्च लैब, स्टूडियो, स्टार्टअप इन्क्यूबेशन सेंटर और बड़ी एआई कंपनियों के कार्यालय स्थापित किए जाएंगे। यहां एआई मॉडल डेवलपमेंट, मशीन लर्निंग, डाटा एनालिटिक्स, रिसर्च एंड इनोवेशन से जुड़े कार्य किए जाएंगे। इसके साथ ही विभिन्न उद्योगों के लिए एआई आधारित समाधान विकसित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।

कर छूट से बढ़ेगा निवेश

हाल ही में केंद्रीय बजट में डाटा सेंटर और क्लाउड सेवाओं से जुड़ी कंपनियों को 2047 तक कर छूट देने की घोषणा की गई है। इससे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी में टेक्नोलॉजी आधारित निवेश को और गति मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में लगभग 11 डाटा सेंटर परियोजनाएं पहले से संचालित हैं, और भविष्य में और भूखंड आवंटित किए जाने की योजना है।

रोजगार और निवेश के खुलेंगे नए रास्ते

एआई हब के विकसित होने से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही यमुना सिटी एक स्मार्ट टेक्नोलॉजी सिटी के रूप में उभर सकती है। यह परियोजना उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख एआई और डाटा हब के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगी।

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