शिशुओं के लिए स्तनपान सबसे बेहतर पोषण माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, जीवन के पहले छह महीनों तक मां का दूध बच्चे को जरूरी एंटीबॉडी और पोषक तत्व प्रदान करता है, जिससे उनका शरीर कई बीमारियों से लड़ने में सक्षम बनता है।
स्तनपान से बच्चों में संक्रमण, मोटापा और एलर्जी का खतरा कम होता है। साथ ही यह पाचन के लिए आसान होता है और मानसिक विकास में भी मदद करता है। लंबे समय में यह डायबिटीज और अस्थमा जैसी बीमारियों के खतरे को भी कम कर सकता है।
रिसर्च में सामने आया नया पहलू
हाल ही में हुए एक अध्ययन में यह पाया गया है कि जिन बच्चों को शुरुआती महीनों में स्तनपान कराया जाता है, उनके डीएनए में विशेष प्रकार के बदलाव देखे जाते हैं। इन बदलावों को एपिजेनेटिक मार्कर कहा जाता है, जो जीन और पर्यावरण के बीच संबंध को दर्शाते हैं।
3,400 से ज्यादा बच्चों पर हुआ अध्ययन
स्पेन के बार्सिलोना स्थित ग्लोबल हेल्थ संस्थान, यूके के एक्सेटर और ब्रिस्टल विश्वविद्यालयों के शोधकर्ताओं ने 3,421 बच्चों के डीएनए का विश्लेषण किया।
इसमें पाया गया कि जिन बच्चों को कम से कम तीन महीने तक केवल मां का दूध दिया गया, उनके शरीर में इम्युनिटी और विकास से जुड़े जीन पर डीएनए मिथाइलेशन मार्क्स अधिक पाए गए। यह अध्ययन जर्नल क्लिनिकल एपिजेनेटिक्स में प्रकाशित हुआ है।
क्या होता है डीएनए मिथाइलेशन?
डीएनए मिथाइलेशन एक ऐसी प्रक्रिया है, जो जीन के काम करने के तरीके को प्रभावित करती है। इसे एक तरह का “ऑफ स्विच” भी माना जाता है, जो जीन की अभिव्यक्ति को नियंत्रित करता है। यह प्रक्रिया भ्रूण के विकास और शरीर की स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण होती है।
बच्चों के विकास पर असर
शोधकर्ताओं का कहना है कि स्तनपान से जुड़े ये एपिजेनेटिक बदलाव बच्चों की इम्युनिटी और विकास से संबंधित प्रक्रियाओं में भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि ये बदलाव सीधे तौर पर स्वास्थ्य पर कितना प्रभाव डालते हैं।
कई देशों के डेटा का विश्लेषण
इस अध्ययन में फ्रांस, जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका और अमेरिका सहित 11 अलग-अलग शोधों के डेटा को शामिल किया गया। बच्चों के 5 से 12 वर्ष की उम्र के ब्लड सैंपल का विश्लेषण किया गया और इसे जन्म के समय लिए गए नमूनों से तुलना की गई।
क्यों जरूरी है स्तनपान
विशेषज्ञों का मानना है कि स्तनपान के बच्चों के स्वास्थ्य पर अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों तरह के फायदे होते हैं। इससे न केवल शारीरिक विकास बेहतर होता है, बल्कि दिमागी विकास और इम्युन सिस्टम भी मजबूत होता है।
कुल मिलाकर, यह अध्ययन इस बात को और मजबूत करता है कि बच्चों के लिए स्तनपान बेहद जरूरी है और माता-पिता को इसके महत्व को समझना चाहिए।



