कथित अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद विवादों में घिरे, सरकार ने किया निलंबित
कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक (DGP) डॉ. के. रामचंद्र राव इन दिनों एक बड़े विवाद के केंद्र में हैं। सोशल मीडिया पर कथित अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद राज्य सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया है। इस मामले ने न केवल प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी गंभीर बहस छेड़ दी है। सरकार ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं, वहीं रामचंद्र राव ने इन आरोपों को साजिश करार दिया है।
क्या है पूरा वीडियो विवाद?
हाल ही में सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो तेजी से वायरल हुए, जिनमें दावा किया जा रहा है कि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कई महिलाओं के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखाई दे रहा है। वायरल वीडियो को लेकर यह दावा किया गया कि उसमें नजर आने वाला व्यक्ति कर्नाटक के मौजूदा डीजीपी डॉ. के. रामचंद्र राव हैं।वीडियो सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल रिपोर्ट तलब की और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। राज्यपाल थावरचंद गहलोत के आदेश पर मंगलवार को रामचंद्र राव को निलंबित कर दिया गया।
सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं होगा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट और भ्रामक जानकारी पर भरोसा न करें। सरकार ने यह भी कहा है कि वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वीडियो वास्तविक है या छेड़छाड़ की गई है।
कौन हैं डॉ. के. रामचंद्र राव?
डॉ. के. रामचंद्र राव 1993 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं। वे कर्नाटक कैडर के वरिष्ठ और अनुभवी अफसरों में गिने जाते हैं।
उन्होंने वर्ष 2023 में कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक (DGP) का पद संभाला था। निलंबन से पहले वे कर्नाटक पुलिस की नागरिक अधिकार प्रवर्तन शाखा के महानिदेशक के रूप में कार्यरत थे। इससे पहले वे कर्नाटक स्टेट पुलिस हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर भी रह चुके हैं। रामचंद्र राव मई 2026 में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। पहले भी रह चुके हैं विवादों में, यह पहला मौका नहीं है जब रामचंद्र राव विवादों में आए हों। वर्ष 2014 में, जब वे सदर्न रेंज के आईजीपी थे, तब उनका नाम एक विवादित धन जब्ती मामले में सामने आया था। वे अभिनेत्री रान्या राव के सौतेले पिता भी हैं और उन पर रान्या की मदद करने से जुड़े आरोप भी लग चुके हैं, हालांकि इन मामलों में कोई ठोस दोष सिद्ध नहीं हुआ।
रामचंद्र राव का बयान
मीडिया से बातचीत में डॉ. के. रामचंद्र राव ने वायरल वीडियो को पूरी तरह झूठा बताया है। उन्होंने कहा, “ये वीडियो करीब 8 साल पुराने बताए जा रहे हैं, उस समय मैं बेलगावी में तैनात था। यह मेरी छवि खराब करने की साजिश है। बिना जांच के किसी नतीजे पर पहुंचना गलत है।” उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में कानूनी सलाह ली जा रही है और उचित कार्रवाई की जाएगी।
आगे क्या?
फिलहाल पूरा मामला जांच के अधीन है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस बीच, यह मामला प्रशासनिक जवाबदेही, सोशल मीडिया की भूमिका और वरिष्ठ अधिकारियों की छवि से जुड़े सवालों को एक बार फिर सामने ले आया है।
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