तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर: ओ. पन्नीरसेल्वम ने थामा डीएमके का दामन

तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। राज्य के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके वरिष्ठ नेता O. Panneerselvam ने सत्तारूढ़ दल Dravida Munnetra Kazhagam (डीएमके) में शामिल होकर नया राजनीतिक अध्याय शुरू किया है। उन्हें वर्ष 2022 में All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam (एआईएडीएमके) से निष्कासित कर दिया गया था। विधानसभा चुनाव से पहले उनका यह कदम राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर माना जा रहा है।

एआईएडीएमके से निष्कासन के बाद नई राजनीतिक पारी

ओ. पन्नीरसेल्वम, जिन्हें ओपीएस के नाम से भी जाना जाता है, तमिलनाडु की राजनीति का एक बड़ा चेहरा रहे हैं। वे दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री J. Jayalalithaa के करीबी सहयोगी माने जाते थे और उनके कार्यकाल में कई बार अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। जयललिता के निधन के बाद एआईएडीएमके में नेतृत्व को लेकर खींचतान शुरू हुई, जिसके चलते पार्टी के भीतर मतभेद लगातार बढ़ते गए। अंततः 2022 में उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

डीएमके में शामिल होने से बदले सियासी समीकरण

अब उन्होंने सत्तारूढ़ डीएमके में शामिल होकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है। पार्टी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उनका औपचारिक स्वागत किया गया। इस मौके पर पार्टी के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। माना जा रहा है कि उनके आने से डीएमके को कुछ क्षेत्रों में अतिरिक्त राजनीतिक मजबूती मिल सकती है।

चुनाव से पहले रणनीतिक कदम

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ओपीएस का यह फैसला केवल व्यक्तिगत राजनीतिक भविष्य से जुड़ा कदम नहीं है, बल्कि यह आगामी चुनावों के मद्देनजर रणनीतिक रूप से भी अहम है। दक्षिण तमिलनाडु के कई इलाकों में उनका प्रभाव रहा है और उनके समर्थकों का झुकाव अब डीएमके की ओर हो सकता है। इससे विपक्षी दलों के लिए चुनौती बढ़ सकती है।

विपक्ष की प्रतिक्रिया और आगे की तस्वीर

दूसरी ओर, एआईएडीएमके के नेताओं ने उनके इस कदम पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि पार्टी अपने संगठन को और मजबूत करेगी और चुनाव में मजबूती से उतरेगी। हालांकि राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि ओपीएस के इस फैसले से राज्य की सियासत में नए समीकरण बन सकते हैं। तमिलनाडु की राजनीति पहले से ही गठबंधनों और रणनीतिक बदलावों के लिए जानी जाती रही है। ऐसे में तीन बार के पूर्व मुख्यमंत्री का सत्तारूढ़ दल में शामिल होना निश्चित रूप से बड़ा संकेत है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में यह बदलाव चुनावी नतीजों और राजनीतिक गठबंधनों को किस तरह प्रभावित करता है। कुल मिलाकर, ओ. पन्नीरसेल्वम का डीएमके में शामिल होना तमिलनाडु की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। यह कदम न केवल उनके राजनीतिक भविष्य को नई दिशा दे सकता है, बल्कि राज्य की चुनावी तस्वीर भी बदल सकता है।

यह भी पढ़े

https://www.tarangvoice.com/first-international-film-festival-in-delhi-celebration-of-the-big-screen-at-india-mandapam-from-march-25-to-31/

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here