चुनाव के बीच पुलिसकर्मी गायब होने की घटना

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण के दौरान एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। पटना जिला पुलिस के 10 पुलिसकर्मी अपने ड्यूटी स्थानों पर नहीं पहुंचे। इन सभी पुलिसकर्मियों की अलग-अलग जिलों में प्रतिनियुक्ति की गई थी, लेकिन उन्होंने अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं की। इनमें 7 महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।

चुनाव के समय शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करना पुलिस प्रशासन की बड़ी जिम्मेदारी होती है। ऐसे समय में पुलिसकर्मियों की यह लापरवाही प्रशासन और आम जनता दोनों के लिए चिंता का विषय बन गई।

अधिकारियों ने उठाया कड़ा कदम

जब यह मामला अधिकारियों तक पहुंचा, तो पटना पुलिस मुख्यालय ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आदेश जारी किया। इन 10 पुलिसकर्मियों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया और इनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई।

आदेश में साफ लिखा गया कि योगदान नहीं देने के आरोप में यह कार्रवाई की गई है। गायब पुलिसकर्मियों की लिस्ट सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही है, जिसमें उनके नाम और पद स्पष्ट रूप से दिखाए गए हैं।

कहाँ-कहाँ की गई थी ड्यूटी

पुलिस मुख्यालय के अनुसार, बिहार में चुनाव ड्यूटी के लिए कई पुलिसकर्मियों को अलग-अलग जिलों में प्रतिनियुक्त किया गया था।

सीतामढ़ी: 1,153 हवलदार/सिपाही

गयाजी: 577 पुलिसकर्मी

शिवहर: 49 पुलिसकर्मी

भागलपुर: 578 पुलिसकर्मी

जमुई: 308 पुलिसकर्मी

अरवल: 67 पुलिसकर्मी

नवादा: 697 पुलिसकर्मी

हालांकि सभी पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी के लिए रवाना हुए थे, लेकिन सीतामढ़ी जिले में 10 पुलिसकर्मी गायब पाए गए।

लापरवाही का परिणाम

चुनाव के समय यह घटना दिखाती है कि पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी निभाने में गंभीर कमी रही। अधिकारियों ने संबंधित जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पुलिस मुख्यालय ने साफ किया कि चुनाव ड्यूटी में किसी भी कीमत पर ढिलाई नहीं बर्दाश्त की जाएगी। यह कार्रवाई न केवल गायब पुलिसकर्मियों के लिए चेतावनी है, बल्कि सभी पुलिसकर्मियों के लिए भी संदेश है कि जिम्मेदारी निभाना अनिवार्य है।

महिला पुलिसकर्मियों की भी शामिल सूची

गायब पुलिसकर्मियों की लिस्ट में 7 महिला सिपाही भी शामिल हैं। यह घटना इस बात को उजागर करती है कि चुनाव जैसे महत्वपूर्ण समय में भी कुछ पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी में गंभीर रूप से लापरवाही कर सकते हैं।

पुलिस प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि आगे से ऐसी घटनाओं पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाएगी। ड्यूटी से गायब होने वाले कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और वेतन रोकना एक उदाहरण के रूप में सामने आया है।

चुनाव के समय पुलिसकर्मी और अधिकारी चुनाव की निष्पक्षता और शांति बनाए रखने के लिए पूरी मेहनत करते हैं।
इस घटना ने यह साबित किया कि लापरवाही का कोई स्थान नहीं है।
पुलिस प्रशासन ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि भविष्य में इस तरह की स्थिति न बने।
इस कार्रवाई से यह संदेश गया कि चुनाव ड्यूटी में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी पुलिसकर्मी अपने दायित्वों के प्रति जवाबदेह रहेंगे।

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