Bihar Politics: नीतीश सरकार को समर्थन देगी AIMIM असदुद्दीन ओवैसी का बड़ा बयान
बिहार की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज है। सीमांचल क्षेत्र के अपने दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे AIMIM प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने एक बड़ा राजनीतिक संकेत दिया है। उन्होंने साफ कहा कि यदि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सीमांचल के विकास पर विशेष ध्यान दें और राज्य की राजनीति में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखें, तो AIMIM पूरी तरह से राजग सरकार का समर्थन करेगी।
सीमांचल के दौरे पर ओवैसी का एलान
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी अपने दो दिवसीय सीमांचल दौरे के दौरान स्थानीय जनता और समर्थकों से मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी का मुख्य फोकस सीमांचल के विकास और वहां रहने वाले सभी वर्गों के हितों पर है। उन्होंने कहा कि सीमांचल अब तक उपेक्षित रहा है और नई सरकार से उनके क्षेत्र को न्याय मिलने की उम्मीद है।
“शर्तों के साथ समर्थन” ओवैसी का संदेश
ओवैसी ने पटना में बनी नई सरकार को शुभकामनाएं देते हुए कहा:
“हम नई सरकार को पूरा सहयोग दे सकते हैं, बशर्ते वह सीमांचल के साथ न्याय करे और राज्य में सांप्रदायिकता दूर रखे।”
AIMIM के पांच विधायक सीमांचल क्षेत्र से ही चुने गए हैं, जिससे पार्टी की वहां मजबूत पकड़ बनी हुई है। ओवैसी का यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि वह सरकार से विकास, बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर स्पष्ट कदमों की अपेक्षा रखते हैं।
सीमांचल में “घुसपैठ” पर BJP के आरोपों पर ओवैसी की प्रतिक्रिया
सत्तारूढ़ NDA की सबसे बड़ी सहयोगी भाजपा सीमांचल क्षेत्र में अवैध घुसपैठ और जनसांख्यिकीय बदलाव के आरोप लगाती रही है। इस पर ओवैसी ने पलटवार करते हुए कहा कि AIMIM केवल मुसलमानों की नहीं, बल्कि दलितों, आदिवासियों और सीमांचल में रहने वाले सभी वंचित समुदायों की आवाज उठाती है।
उन्होंने कहा कि सीमांचल को पटना और राजगीर की तरह विकास का हक है, और सरकार यदि इस दिशा में कदम बढ़ाती है तो AIMIM उसे पूरा सहयोग देगी।
न्याय और विकास AIMIM की प्राथमिकता
ओवैसी ने बताया कि उनकी पार्टी का उद्देश्य किसी विशेष समुदाय को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए समान अधिकारों और सुविधाओं की मांग करना है। उन्होंने कहा:
“AIMIM सीमांचल के हर नागरिक के अधिकारों के लिए लड़ती रही है। हमारी उम्मीद है कि नई सरकार इस क्षेत्र को प्राथमिकताओं में शामिल करेगी।”
उन्होंने सरकार से स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, सड़कें, रोजगार और सुरक्षा के मुद्दों पर भी ठोस कदम उठाने की अपील की।
राजद पर ओवैसी का हमला
अपने बयान में ओवैसी ने आरजेडी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिन पार्टियों ने वर्षों तक मुसलमानों के वोट भाजपा को रोकने के नाम पर लिए, वे भाजपा को रोकने में विफल रही हैं। ओवैसी ने याद दिलाया कि आरजेडी ने AIMIM के साथ गठबंधन करने से इनकार किया था और इस चुनाव में उसकी सीटें घटकर सिर्फ 25 रह गईं।
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि “एमवाई (मुस्लिम-यादव)” समीकरण पर भरोसा करने वाले लोग नई राजनीतिक संभावनाओं पर विचार करें।
ओवैसी का यह बयान बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है। नीतीश कुमार की सरकार को बाहरी समर्थन की जरूरत पड़ने की स्थिति में AIMIM की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। सीमांचल का विकास, सांप्रदायिक सौहार्द और राजनीतिक साझेदारी आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति को नई दिशा दे सकती है।




