शीतकालीन सत्र के दौरान आरोप, विरोध और कार्रवाई की मांग से गरमाया माहौल

1. शीतकालीन सत्र में अचानक बढ़ा तनाव

संसद के शीतकालीन सत्र में गुरुवार को उस समय अप्रत्याशित हंगामा मच गया, जब एक टीएमसी सांसद पर सदन के भीतर ई-सिगरेट पीने का आरोप लगा। यह आरोप किसी आम सदस्य ने नहीं, बल्कि भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने सीधे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के सामने लगाया। आरोप लगते ही सदन का माहौल गर्म हो गया और सरकार एवं विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।

2. अनुराग ठाकुर ने उठाया गंभीर मुद्दा

प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्न पूछते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि देशभर में ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लागू है, लेकिन सदन के एक टीएमसी सांसद लगातार सदन की कार्यवाही के दौरान ही ई-सिगरेट पी रहे हैं। उन्होंने स्पीकर से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि इस तरह का व्यवहार न केवल नियमों के खिलाफ है, बल्कि सदन की गरिमा को आहत करने वाला है।

ठाकुर ने कहा कि संसद वह स्थान है जहां करोड़ों भारतीय उम्मीदों के साथ नजर रखते हैं। ऐसे में कोई भी असंसदीय गतिविधि या अनुशासनहीनता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।

3. भाजपा सांसदों की कार्रवाई की मांग

अनुराग ठाकुर के आरोप के बाद भाजपा सदस्यों ने जोरदार तरीके से विपक्षी सांसद के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। कई सांसद अपनी सीटों से खड़े हो गए और विरोध जताने लगे। उनका कहना था कि ई-सिगरेट पर देशव्यापी प्रतिबंध के बावजूद संसद के अंदर इसे पीना अत्यंत गंभीर मामला है, जिस पर तुरंत जांच और कार्रवाई होनी चाहिए।

4. स्पीकर ओम बिरला ने दिया आश्वासन

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि सदन की गरिमा सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या नियमों का उल्लंघन स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि इस मामले में लिखित शिकायत दी जाती है तो संसदीय नियमों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

स्पीकर ने सदस्यों से बार-बार अपील की कि सदन की मर्यादा का पालन करें और किसी भी तरह की ऐसी गतिविधि से बचें जो संसद की गरिमा को कम करे।

5. संसद में ई-सिगरेट का मामला संवेदनशील क्यों?

भारत सरकार ने 2019 में ई-सिगरेट और इसी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक निकोटिन डिलीवरी सिस्टम (ENDS) पर प्रतिबंध लगाया था। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और सरकारी आंकड़ों के अनुसार ई-सिगरेट का उपयोग युवाओं में तेजी से बढ़ रहा था, जिसके चलते इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा माना गया।

ऐसे में संसद जैसे उच्चतम लोकतांत्रिक मंच पर प्रतिबंधित उत्पाद का उपयोग गंभीर नियम उल्लंघन माना जा रहा है। यही कारण है कि अनुराग ठाकुर के आरोप तुरंत चर्चा का विषय बन गए।

6. विपक्ष की ओर से प्रतिक्रिया

टीएमसी की ओर से पूरे मामले पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई, लेकिन सूत्रों के अनुसार विपक्ष इस आरोप को राजनीतिक रंग देने का मुद्दा बता रहा है। उनका कहना है कि आरोप सत्र के दौरान जानबूझकर उठाए गए, ताकि ध्यान महत्वपूर्ण मुद्दों से हटाया जा सके।

हालांकि टीएमसी सांसद की ओर से इस कथित घटना पर आधिकारिक बयान अभी तक सामने नहीं आया है।

7. आगे की प्रक्रिया क्या होगी?

स्पीकर द्वारा जांच की बात कहे जाने के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या लिखित शिकायत दर्ज होती है और नियमों के तहत इस मामले पर क्या कदम उठाए जाते हैं। यदि आरोपों की पुष्टि हुई, तो संसद नियमावली के अनुसार संबंधित सदस्य पर कार्रवाई संभव है।

ई-सिगरेट को लेकर सदन में उठे इस विवाद ने संसद के शीतकालीन सत्र में नया तनाव पैदा कर दिया है। भाजपा और टीएमसी के बीच पहले से चल रही राजनीतिक खींचतान के बीच यह मुद्दा और गरमाने की संभावना है। फिलहाल स्पीकर के आश्वासन के बाद सभी की नजर जांच और आगामी निर्णय पर टिकी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here