फर्रुखाबाद : दीपिका पादुकोण को CJM कोर्ट से नोटिस, सैनिक से क्रेडिट कार्ड ठगी का मामला
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। भारतीय सेना में तैनात एक सैनिक फैयाज अहमद ने ऑनलाइन ठगी का शिकार होने के बाद एक्सिस बैंक के खिलाफ शिकायत की थी। बैंक की शिकायत पर कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट में परिवाद दर्ज कराया। कोर्ट ने इस मामले में बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण, एक्सिस बैंक के चेयरमैन और बैंक की शाखा प्रबंधक को नोटिस जारी कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
सैनिक फैयाज अहमद का आरोप है कि उनके एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड से 58,378 रुपये की ऑनलाइन ठगी हो गई। उन्होंने बैंक से शिकायत की, लेकिन बैंक ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और उचित कार्रवाई नहीं की। निराश होकर सैनिक ने CJM कोर्ट में याचिका दायर की। परिवाद में तीनों को नामजद किया गया है-एक्सिस बैंक की ब्रांड एंबेसडर दीपिका पादुकोण, एक्सिस बैंक के चेयरमैन और संबंधित शाखा प्रबंधक। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने सभी तीनों को नोटिस जारी किया है। अब उन्हें कोर्ट में जवाब दाखिल करना होगा।
ब्रांड एंबेसडर की जिम्मेदारी
दीपिका पादुकोण कई सालों से एक्सिस बैंक की ब्रांड एंबेसडर हैं। वे बैंक के विभिन्न प्रचार अभियानों में नजर आती रही हैं। भारतीय कानून के तहत अगर कोई ब्रांड एंबेसडर किसी प्रोडक्ट या सर्विस का प्रचार करता है और उसमें धोखाधड़ी या कमी पाई जाती है, तो कुछ मामलों में उनकी भी जिम्मेदारी मानी जा सकती है। यह मामला इसी आधार पर अदालत तक पहुंचा है। हालांकि, दीपिका पादुकोण या उनके पक्ष से अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
फैयाज अहमद भारतीय सेना में सेवारत हैं। उन्होंने बताया कि क्रेडिट कार्ड से हुई ठगी के बाद वे कई बार बैंक से संपर्क करते रहे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। अंत में मजबूरन उन्होंने कानूनी रास्ता अपनाया। यह घटना उन हजारों ग्राहकों की याद दिलाती है जो क्रेडिट कार्ड फ्रॉड का शिकार होते हैं और बैंक की तरफ से लापरवाही का सामना करते हैं।
क्या कहते हैं कानूनी विशेषज्ञ?
कानूनी जानकारों का कहना है कि ब्रांड एंबेसडर को आमतौर पर ऐसे मामलों में सीधे जिम्मेदार नहीं ठहराया जाता, लेकिन अगर कोर्ट को लगता है कि प्रचार में गलत दावा किया गया या उपभोक्ता सुरक्षा का उल्लंघन हुआ, तो नोटिस जारी करना सामान्य प्रक्रिया है। अब कोर्ट की अगली सुनवाई में तीनों पक्षों के जवाब आने के बाद आगे की कार्यवाही तय होगी।
यह मामला सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है। लोग दो पक्षों में बंटे हुए हैं। कुछ का कहना है कि ब्रांड एंबेसडर सिर्फ प्रचार करती है, उसे हर मामले की जिम्मेदारी नहीं लेनी चाहिए। वहीं कुछ उपभोक्ता अधिकारों की बात कर रहे हैं और कह रहे हैं कि बैंक को ग्राहकों की सुरक्षा के लिए ज्यादा जिम्मेदार होना चाहिए।
फर्रुखाबाद CJM कोर्ट का यह फैसला न सिर्फ इस मामले को प्रभावित करेगा, बल्कि भविष्य में ब्रांड एंबेसडर और कंपनियों की जिम्मेदारी तय करने के लिए भी मिसाल बन सकता है। मामला अभी अदालत में विचाराधीन है। आगे की सुनवाई में क्या होता है, यह देखना interesting होगा।
नोट: यह आर्टिकल उपलब्ध समाचार रिपोर्ट्स पर आधारित है। अदालती मामलों में अंतिम फैसला कोर्ट द्वारा ही लिया जाता है।
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