भागीरथ पैलेस और सदर बाजार में छापेमारी, जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ पर ‘जीरो टॉलरेंस’ का संदेश
दिल्ली में अवैध और नकली दवाओं के कारोबार के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि लोगों की सेहत से समझौता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी नीति के तहत राजधानी के बड़े दवा बाजारों में व्यापक स्तर पर निरीक्षण और छापेमारी अभियान चलाया गया है।
भागीरथ पैलेस में व्यापक निरीक्षण अभियान
ड्रग्स कंट्रोल डिपार्टमेंट की कई टीमों ने दिल्ली के प्रमुख थोक दवा बाजार भागीरथ पैलेस में एक साथ छापेमारी की। इस दौरान 27 थोक दवा विक्रेताओं के ठिकानों की गहन जांच की गई। जांच में 10 से अधिक दवा फर्म ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट और संबंधित नियमों का उल्लंघन करती पाई गईं। अधिकारियों ने बताया कि बिना उचित दस्तावेजों और मानकों के दवाओं की बिक्री आम लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। सभी दोषी फर्मों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
दवाओं और सर्जिकल सामान के 204 सैंपल जब्त
निरीक्षण के दौरान दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सिरप, टैबलेट, इंजेक्शन, रूई (कॉटन) और सर्जिकल सामान सहित कुल 204 सैंपल लिए गए। इन सैंपलों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों के अनुसार रिपोर्ट आने के बाद दोषपूर्ण या मानकों पर खरे न उतरने वाले उत्पादों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
बिना लाइसेंस बिक्री पर दर्ज हुआ केस
छापेमारी के दौरान एक दुकान पर बिना वैध लाइसेंस के मेडिकल डिवाइस और सर्जिकल सामान बेचने का मामला सामने आया। इस गंभीर उल्लंघन पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। विभाग का कहना है कि बिना लाइसेंस मेडिकल उपकरणों की बिक्री मरीजों के स्वास्थ्य के साथ बड़ा खिलवाड़ है।
सदर बाजार में देर रात संयुक्त कार्रवाई
इससे पहले ड्रग्स कंट्रोल विभाग और दिल्ली पुलिस ने संयुक्त रूप से सदर बाजार के तेलीवाड़ा इलाके में देर रात छापेमारी की थी। यहां एक दवा कारोबारी के पास से बड़ी मात्रा में नकली और मिलावटी दवाएं तथा एंटी-फंगल क्रीम बरामद की गईं। जांच में पता चला कि प्रतिष्ठान बिना लाइसेंस के चल रहा था और दवाओं की खरीद-बिक्री का कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं था।
अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई की जांच
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि नकली दवाओं की सप्लाई दिल्ली से बाहर अन्य राज्यों और पड़ोसी देशों तक की जा रही थी। इस संबंध में जानकारी संबंधित राज्यों के ड्रग्स कंट्रोल विभागों को भेज दी गई है, ताकि व्यापक स्तर पर नेटवर्क की जांच की जा सके।
स्वास्थ्य मंत्री का सख्त संदेश
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि नकली और अवैध दवाओं के खिलाफ सरकार की नीति पूरी तरह ‘जीरो टॉलरेंस’ की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे अभियान भविष्य में भी पूरे दिल्ली में लगातार जारी रहेंगे।
आम लोगों के लिए राहत की कार्रवाई
नकली दवाओं का कारोबार देशभर में एक गंभीर समस्या रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी दवाएं न केवल इलाज को बेअसर बनाती हैं, बल्कि कई बार जानलेवा भी साबित होती हैं। ऐसे में दिल्ली सरकार की यह सख्त कार्रवाई आम नागरिकों के लिए राहत की खबर है। सरकार का कहना है कि उसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर नागरिक तक सुरक्षित, असरदार और अच्छी गुणवत्ता वाली दवाएं पहुंचें।




