11 अप्रैल का दिन भारतीय इतिहास में कई यादगार और दर्द भरी घटनाओं का गवाह रहा है। इस तारीख को स्वतंत्रता संग्राम, राजनीतिक बदलाव और देश की एकता से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घटनाएं दर्ज हैं।1919 का जलियांवाला बाग नरसंहार
11 अप्रैल 1919 को पंजाब के अमृतसर में ब्रिटिश सेना द्वारा किए गए जलियांवाला बाग नरसंहार की तैयारियां शुरू हो चुकी थीं। ठीक दो दिन बाद 13 अप्रैल को जनरल डायर ने निहत्थे भारतीयों पर गोलीबारी कर दी थी, जिसमें सैकड़ों लोग शहीद हो गए थे। 11 अप्रैल की घटनाएं इस नरसंहार की पृष्ठभूमि तैयार करने वाली थीं।
1942 में Quit India Movement की तैयारी
11 अप्रैल 1942 को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में Quit India Resolution पर गंभीर चर्चा हुई। महात्मा गांधी ने अंग्रेजों को भारत छोड़ने का आह्वान करने की रूपरेखा तैयार की, जो बाद में 8 अगस्त 1942 को औपचारिक रूप से शुरू हुआ।
1975 का Sikkim विलय
11 अप्रैल 1975 को भारत ने सिक्किम को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का फैसला किया। इससे पहले सिक्किम एक संरक्षित राज्य था। इस फैसले के बाद सिक्किम आधिकारिक रूप से भारत का 22वां राज्य बना।
विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं
1814: नेपोलियन को एल्बा द्वीप पर निर्वासित किया गया।
1945: अमेरिकी सेना ने नाजी जर्मनी के बुखेनवाल्ड कंसंट्रेशन कैंप को मुक्त किया।
1970: अपोलो-13 मिशन के दौरान अंतरिक्ष यान में विस्फोट हुआ, लेकिन चालक दल सुरक्षित वापस लौटा।
प्रसिद्ध जन्म 1930: Антон LaVey – चर्च ऑफ सatan के संस्थापक।
1953: गुनी गुलाम नबी – प्रसिद्ध कश्मीरी गायक।
1987: शानिया ट्वेन – कनाडाई गायिका।
प्रसिद्ध निधन 1987: प्रीतम सिंह – प्रसिद्ध पंजाबी कवि।
2006: प्रेमचंद्र जैन – भारतीय उद्योगपति।
आज का महत्व
11 अप्रैल का दिन हमें जलियांवाला बाग नरसंहार की तैयारी और सिक्किम के भारत में विलय जैसी घटनाओं की याद दिलाता है। यह तारीख भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की क्रूरता और देश की एकता को मजबूत करने वाले फैसलों दोनों का गवाह है।
हर साल 13 अप्रैल को जलियांवाला बाग शहीद दिवस मनाया जाता है, लेकिन 11 अप्रैल की घटनाएं उस दर्दनाक घटना की पृष्ठभूमि तैयार करती हैं।



