उत्तर प्रदेश के Lakhimpur Kheri में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने विकास योजनाओं की बड़ी सौगात दी। अपने दौरे के दौरान उन्होंने कुल 314 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने खास तौर पर थारू जनजाति के लोगों के लिए बड़ी घोषणा की और करीब 4 हजार परिवारों को जमीन का मालिकाना हक और भूमि आवंटन पत्र सौंपे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का उद्देश्य हर व्यक्ति तक विकास पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों को योजनाओं का लाभ दे रही है और गरीबों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उनके मुताबिक “जन-जन का कल्याण” ही सरकार का मुख्य लक्ष्य है।

सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश में विकास की रफ्तार पहले से काफी तेज हुई है और हर नागरिक को उसका अधिकार और सम्मान मिल रहा है। उन्होंने कहा कि अब सरकार हर जिले में समान रूप से विकास कार्य करा रही है, जबकि पहले ऐसा नहीं होता था।

थारू जनजाति का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले इस समाज के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था और उन्हें उनके अधिकार नहीं मिलते थे। लेकिन अब सरकार उन्हें उनके अधिकार दिलाने का काम कर रही है। जमीन का मालिकाना हक मिलने से इन परिवारों की जिंदगी में बड़ा बदलाव आएगा।

अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक पार्टियां समाज को बांटने का काम करती हैं, जबकि उनकी सरकार सबको साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के 15 करोड़ लोग एक परिवार की तरह हैं और सभी के विकास के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।

सीएम योगी ने पुराने समय की सरकारों पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि पहले विकास सीमित क्षेत्रों तक ही सीमित रहता था। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पहले विकास कुछ खास जगहों तक सिमटा हुआ था, लेकिन अब हर जिले और हर गांव में विकास कार्य हो रहे हैं।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने एक और बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि मियांपुर गांव का नाम बदलकर अब “रविंद्र नगर” किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गांव में मियां समुदाय का कोई व्यक्ति नहीं रहता, इसके बावजूद उसका नाम मियांपुर रखा गया था, जिसे अब बदला जाएगा।

कुल मिलाकर, लखीमपुर खीरी में सीएम योगी का यह दौरा विकास योजनाओं और सामाजिक बदलाव के कई बड़े संदेश देकर गया है। इससे खासकर थारू जनजाति के हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा और उनके जीवन स्तर में सुधार आने की उम्मीद है।

 

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