ऊर्जा सुरक्षा, निवेश और कार्बन उत्सर्जन में कमी पर रहेगा तीन दिवसीय वैश्विक मंथन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज भारत ऊर्जा सप्ताह 2026 (India Energy Week 2026) के चौथे संस्करण का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन करेंगे। यह प्रतिष्ठित वैश्विक ऊर्जा कार्यक्रम दक्षिण गोवा जिले के बेतुल गांव में आयोजित किया जा रहा है। उद्घाटन सत्र के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश और विदेश से जुड़े प्रतिनिधियों को वर्चुअल रूप से संबोधित भी करेंगे। भारत ऊर्जा सप्ताह को ऊर्जा क्षेत्र में भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका के रूप में देखा जा रहा है। इस भव्य आयोजन में केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी, संयुक्त अरब अमीरात के उद्योग और उन्नत प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. सुल्तान अहमद अल जाबेर, कनाडा के ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधन मंत्री टिम हॉजसन सहित कई देशों के वरिष्ठ मंत्री और नीति निर्माता शामिल होंगे। इसके अलावा अफ्रीका, मध्य पूर्व, मध्य एशिया और वैश्विक दक्षिण के कई प्रमुख प्रतिनिधि उद्घाटन समारोह का हिस्सा बनेंगे।
वैश्विक ऊर्जा मंच के रूप में भारत ऊर्जा सप्ताह की मजबूत पहचान
भारत ऊर्जा सप्ताह का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना, वैश्विक और घरेलू निवेश को प्रोत्साहित करना तथा कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए व्यावहारिक और व्यापक रूप से अपनाए जा सकने वाले समाधान विकसित करना है। यह मंच उन रास्तों पर चर्चा करता है, जिन्हें विकास के विभिन्न चरणों में मौजूद अर्थव्यवस्थाएं अपनी जरूरतों के अनुसार अपना सकती हैं। तीन दिवसीय इस आयोजन में ऊर्जा संक्रमण, स्वच्छ ऊर्जा, हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था, तेल और गैस, जैव ईंधन, डिजिटल तकनीक और ऊर्जा नवाचार जैसे अहम विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। भारत ऊर्जा सप्ताह नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के नेताओं, निवेशकों और तकनीकी विशेषज्ञों को एक साझा मंच प्रदान करता है।
120 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी
भारत ऊर्जा सप्ताह 2026 में अमेरिका, यूरोप, मध्य पूर्व, अफ्रीका और एशिया-प्रशांत क्षेत्र से प्रतिनिधिमंडल भाग ले रहे हैं। इस आयोजन में 120 से अधिक देशों के 75 हजार से ज्यादा ऊर्जा पेशेवरों के शामिल होने की उम्मीद जताई गई है। इतनी बड़ी भागीदारी भारत ऊर्जा सप्ताह को दुनिया के सबसे प्रभावशाली ऊर्जा सम्मेलनों में शामिल करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह आयोजन वैश्विक ऊर्जा कूटनीति में भारत की भूमिका को और मजबूत करेगा। साथ ही यह भारत को एक जिम्मेदार, नवोन्मेषी और भविष्य-केंद्रित ऊर्जा नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।
ऊर्जा निवेश और नवाचार पर विशेष फोकस
भारत ऊर्जा सप्ताह के दौरान ऊर्जा क्षेत्र में निवेश के नए अवसरों पर भी चर्चा की जाएगी। भारत में नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर वैश्विक निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है। इस मंच के जरिए सरकार और उद्योग जगत के बीच सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, स्टार्टअप्स और नई तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए प्रदर्शनी और तकनीकी सत्रों का आयोजन भी किया जाएगा, जहां भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए समाधान प्रस्तुत किए जाएंगे।
भारत की ऊर्जा रणनीति को मिलेगी वैश्विक पहचान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल उद्घाटन और संबोधन इस आयोजन को विशेष महत्व देता है। उनके नेतृत्व में भारत ने ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास को प्राथमिकता दी है। भारत ऊर्जा सप्ताह 2026 इन प्रयासों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित होगा। कुल मिलाकर, भारत ऊर्जा सप्ताह 2026 न केवल ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के लिए अहम है, बल्कि यह वैश्विक ऊर्जा भविष्य को आकार देने में भारत की भूमिका को भी नई ऊंचाई देगा।
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