25 साल का सपना अब हकीकत
नोएडा और दिल्ली NCR क्षेत्र के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। जेवर, उत्तर प्रदेश में स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण पूरा होने जा रहा है। यह न केवल देश का सबसे बड़ा हवाई अड्डा होगा, बल्कि उत्तर भारत में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू यात्रा के लिए एक प्रमुख केंद्र भी बनेगा। करीब 25 साल पहले इस परियोजना की शुरुआत हुई थी और अब इसे चार चरणों में पूरा किया जाएगा। योजना में पांच रनवे, पाँच लाख वर्गमीटर टर्मिनल और 186 एयरक्राफ्ट स्टैंड शामिल हैं।
लंबा और संघर्षपूर्ण सफर
इस एयरपोर्ट का विचार सबसे पहले 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा केंद्र सरकार को भेजा गया था। शुरू में इसे ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एविएशन हब के रूप में प्रस्तावित किया गया था। हालांकि, इसके बाद कई साल तक परियोजना पर ठोस काम नहीं हो पाया। कई बार राजस्थान, हरियाणा और फिरोजाबाद जैसे विकल्पों पर विचार किया गया, लेकिन कोई निर्णय नहीं लिया गया। 2014 में केंद्र में नई सरकार बनने और 2017 में उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार के आने के बाद परियोजना को नई दिशा मिली। जेवर में एयरपोर्ट बनाने पर जोर दिया गया और 2019 में स्विट्जरलैंड की ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी को निर्माण और संचालन का जिम्मा सौंपा गया।
प्रमुख शहरों से दूरी और कनेक्टिविटी
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट आसपास के शहरों से आसानी से जुड़ा रहेगा:
आईजीआई एयरपोर्ट से: 72 किमी
बुलंदशहर से: 36 किमी
नोएडा से: 60 किमी
फरीदाबाद (सेक्टर-65) से: 31 किमी (ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के माध्यम से)
गाजियाबाद से: 30 किमी (ईस्टर्न पेरिफेरल रोड के माध्यम से यमुना एक्सप्रेसवे जुड़ने के बाद) यमुना एक्सप्रेसवे के माध्यम से मथुरा, आगरा, अलीगढ़ और वृंदावन से आने वाले पर्यटक भी केवल 1–1.5 घंटे में एयरपोर्ट तक पहुंच सकेंगे। यह शानदार कनेक्टिविटी इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए एक प्रमुख केंद्र बनाती है।
चरणबद्ध विकास योजना
एयरपोर्ट का निर्माण चार चरणों में किया जाएगा, जिससे इसकी क्षमता और सुविधाएं क्रमिक रूप से बढ़ेंगी:
प्रथम चरण: 1.2 करोड़ यात्रियों की क्षमता, एक रनवे, एक लाख वर्गमीटर टर्मिनल, 28 एयरक्राफ्ट स्टैंड।
दूसरा चरण: क्षमता बढ़कर लगभग 2.5 करोड़ यात्रियों तक।
तीसरा और चौथा चरण: कुल 7.2 करोड़ यात्रियों की क्षमता, पांच रनवे, पाँच लाख वर्गमीटर टर्मिनल और 186 एयरक्राफ्ट स्टैंड।
हर चरण के साथ यात्रियों और विमान संचालन की क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे क्षेत्रीय व राष्ट्रीय दोनों स्तर पर यात्री सुविधा और व्यापारिक गतिविधियों को बल मिलेगा।
महत्व और संभावनाएं
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने के बाद यह देश का सबसे बड़ा हवाई अड्डा साबित होगा। इसकी वजह से यात्रियों के लिए यात्रा और कनेक्टिविटी आसान होगी। इसके अलावा आसपास के शहरों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और निवेश, व्यापार एवं पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। पहले चरण में एयरपोर्ट 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालेगा और अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए एक नया केंद्र बनेगा। सभी चार चरणों के पूरा होने के बाद इसकी क्षमता 7.2 करोड़ यात्रियों तक पहुंच जाएगी।25 साल की लंबी योजना और मेहनत के बाद जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण पूरा होने जा रहा है। यह केवल भारत का सबसे बड़ा हवाई अड्डा नहीं होगा, बल्कि उत्तर भारत के लिए एक वैश्विक एविएशन हब भी बनेगा। उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री उपस्थित रहेंगे। यह परियोजना क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, रोजगार और आर्थिक विकास में नए आयाम स्थापित करेगी।
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