मुंबई। अभिनेत्री और डांसर Nora Fatehi गुरुवार को ‘सरके चुनर’ गाने को लेकर उठे विवाद के मामले में National Commission for Women (NCW) के सामने पेश हुईं। सुनवाई के दौरान उन्होंने आयोग के समक्ष माफी मांगते हुए कहा कि उनका उद्देश्य कभी भी किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था।
मीडिया से बातचीत में नोरा फतेही ने कहा कि एक कलाकार होने के नाते उनकी जिम्मेदारी बनती है कि वे समाज की भावनाओं का सम्मान करें। उन्होंने कहा, “अगर मेरे काम से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो मुझे इसका खेद है। मेरा इरादा किसी का अपमान करना नहीं था।”
नोरा ने यह भी घोषणा की कि इस पूरे विवाद के बाद उन्होंने अनाथ लड़कियों की शिक्षा को प्रायोजित करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि वह समाज के लिए सकारात्मक योगदान देना चाहती हैं और जरूरतमंद बच्चियों की पढ़ाई में मदद करेंगी।
दरअसल, ‘सरके चुनर’ गाने को लेकर अश्लीलता और आपत्तिजनक सामग्री के आरोप लगाए गए थे। इसी मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने मार्च में नोरा फतेही के साथ अभिनेता Sanjay Dutt, गीतकार राक़ीब आलम, निर्माता वेंकट के. नारायण और निर्देशक किरण कुमार को समन जारी किया था। आयोग ने मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की थी।
आयोग का कहना था कि गाने के बोल और वीडियो “यौन रूप से सुझावपूर्ण और आपत्तिजनक” प्रतीत होते हैं। साथ ही यह भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और POCSO कानून के प्रावधानों का उल्लंघन कर सकता है।
विवाद बढ़ने के बाद कई सामाजिक संगठनों और लोगों ने गाने पर महिलाओं के वस्तुवादीकरण का आरोप लगाया। सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ संगठनों ने गाने को हटाने और संबंधित कलाकारों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग भी उठाई थी।
मामला संसद तक पहुंचने के बाद केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री Ashwini Vaishnaw ने लोकसभा में जानकारी दी थी कि व्यापक विरोध को देखते हुए ‘सरके चुनर’ गाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
गौरतलब है कि इस गाने में नोरा फतेही और संजय दत्त की जोड़ी नजर आई थी। रिलीज के तुरंत बाद ही यह गाना विवादों में आ गया था और लगातार सार्वजनिक बहस का विषय बना रहा।

