Parliament Winter Session Live: भारत ने लोकतंत्र को जिया, शीतकालीन सत्र होगा ऊर्जा से भरपूर
भारत की संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर 2025 से शुरू हो चुका है। सत्र की शुरुआत से पहले ही माहौल गर्म हो गया है। जहां सरकार विकास और विधायी कार्यों पर जोर दे रही है, वहीं विपक्ष SIR (Special Intensive Revision of Voter List), नेशनल हेराल्ड में नई FIR और अन्य मुद्दों को लेकर हमला करने को तैयार है। यह सत्र हंगामेदार रहने वाला है और पहले ही दिन कई तीखे बयान सामने आए हैं।
PM मोदी का संबोधन: “भारत ने लोकतंत्र को जिया है”
सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर से देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत ने लोकतंत्र को सिर्फ माना नहीं, बल्कि उसे जिया है। PM मोदी ने उम्मीद जताई कि यह सत्र ऊर्जा से भर देगा और इसमें “ड्रामा नहीं, डिलिवरी” होनी चाहिए।
PM मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ दल चुनावी पराजय पचा नहीं पा रहे। उन्होंने बिहार चुनाव नतीजों का जिक्र करते हुए कहा कि हार के बाद विपक्ष की बयानबाजी बताती है कि वे अभी भी सदमे में हैं।
विपक्ष हमलावर: SIR और नेशनल हेराल्ड FIR मुद्दा गरमाएगा सदन
सत्र के पहले दिन ही विपक्ष आक्रामक मोड में आ गया है।
SIR पर कांग्रेस और अन्य दलों की चिंता
कांग्रेस ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव देकर SIR पर तत्काल चर्चा की मांग की है। पार्टी के नेताओं ने कहा कि BLOs पर अत्यधिक दबाव है, कई मानसिक तनाव में हैं और आत्महत्या जैसी घटनाएं सामने आई हैं। उनका आरोप है कि सरकार इस मुद्दे को दबा रही है और चर्चा से बच रही है।
TMC, SP और DMK जैसे दल पहले ही SIR के विरोध में सड़क से संसद तक लड़ाई का ऐलान कर चुके हैं।
नेशनल हेराल्ड में नई FIR पर भी टकराव
सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ हाल ही में दर्ज हुई FIR ने कांग्रेस को और अधिक आक्रामक बना दिया है। पार्टी इसे “राजनीतिक बदले की कार्रवाई” बता रही है।
TMC पर भाजपा का हमला: “हार के डर से भूमिका बना रही है”
भाजपा नेता शाहनवाज़ हुसैन ने कहा कि TMC को पता है कि बिहार की हवा बंगाल तक पहुंच गई है, इसलिए वह अभी से हार का बहाना तैयार कर रही है। हुसैन ने आरोप लगाया कि बंगाल की जनता इस बार बदलाव चाहती है और बीजेपी का समर्थन बढ़ रहा है।
विपक्ष की बैठकें, रणनीति तैयार
सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा के LoP मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर विपक्षी नेताओं की अहम बैठक हुई। इसमें आज सदन में किन मुद्दों को प्रमुखता देनी है, इस पर रणनीति तैयार की गई।
सरकार का रुख: SIR संसद का विषय नहीं, EC की प्रक्रिया
केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि SIR पर संसद में चर्चा नहीं होगी क्योंकि यह चुनाव आयोग की नियमित प्रक्रिया है। सरकार का कहना है कि यह मुद्दा सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुरूप EC के दायरे का हिस्सा है।
ऑल-पार्टी मीटिंग: सरकार ने सहयोग की अपील की
सर्वदलीय बैठक में 36 दलों के 50 नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में सरकार ने विपक्ष से सहयोग की अपील की है ताकि सत्र सुचारू रूप से चल सके।
सरकार इस सत्र में 14 बिल पेश करने की तैयारी में है, जिनमें न्यूक्लियर एनर्जी, हायर एजुकेशन, कॉर्पोरेट कानून और सिक्योरिटीज मार्केट से जुड़े महत्वपूर्ण सुधार शामिल हैं।
वंदे मातरम पर बड़ी बहस की तैयारी
इस बार सरकार का बड़ा फोकस ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष चर्चा है। सरकार चाहती है कि इसके इतिहास और स्वीकार्यता पर संपूर्ण बहस हो।
PM मोदी ने हाल ही में आरोप लगाया था कि 1937 में कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम’ की कई लाइनें हटा दी थीं, जिससे विभाजन की नींव पड़ी।
19 दिसंबर तक चलने वाला यह छोटा सत्र हर दिन गरमाने वाला है। SIR, नेशनल हेराल्ड FIR, वंदे मातरम और विपक्ष–सरकार के बीच लगातार टकराव से यह सत्र बेहद विवादास्पद और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनने जा रहा है।




