बिहू पर्व पर असम के लोगों को दिया संदेश, भारतीय संस्कृति की एकता पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मकर संक्रांति के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि यह पर्व नई शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है, जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में भारतीय त्योहारों के सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया।
मकर संक्रांति: प्रकृति और कृषि से जुड़ा पर्व
मकर संक्रांति सूर्य के उत्तरायण होने के साथ जुड़ा हुआ पर्व है, जिसे कृषि से संबंधित उत्सव के रूप में देखा जाता है। यह त्योहार फसल कटाई के समय मनाया जाता है और किसानों के लिए विशेष महत्व रखता है। देश के विभिन्न हिस्सों में इसे अलग-अलग नामों और परंपराओं के साथ मनाया जाता है। कहीं पतंग उड़ाई जाती है तो कहीं पारंपरिक व्यंजनों के साथ उत्सव मनाया जाता है, जो भारत की विविध संस्कृति को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री का संदेश: एकता और सामूहिकता का भाव
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ऐसे पर्व समाज में एकता और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि त्योहारों को मिल-जुलकर और सौहार्द के साथ मनाया जाए। उनका कहना था कि भारत की सांस्कृतिक विविधता ही देश की सबसे बड़ी शक्ति है, जो सभी को एक-दूसरे से जोड़ती है।
बिहू पर्व पर असम को शुभकामनाएं
मकर संक्रांति के साथ ही प्रधानमंत्री ने असम के लोगों को बिहू पर्व की भी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बिहू असम की सांस्कृतिक पहचान और जीवनशैली का अहम हिस्सा है। यह पर्व वहां के सामाजिक जीवन, कृषि परंपराओं और प्रकृति के साथ गहरे जुड़ाव को दर्शाता है।
बिहू: परंपरा और उत्सव का संगम
बिहू असम का प्रमुख त्योहार है, जिसे साल में तीन बार मनाया जाता है। भोगाली बिहू, जो मकर संक्रांति के समय आता है, फसल कटाई के बाद आनंद और उत्सव का प्रतीक माना जाता है। इस दौरान सामूहिक भोजन, लोकनृत्य और पारंपरिक गीतों के जरिए खुशियां साझा की जाती हैं।
सांस्कृतिक मूल्यों को सहेजने की अपील
प्रधानमंत्री ने देशवासियों से आग्रह किया कि वे अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को संजोकर रखें और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि भारतीय त्योहार न केवल आनंद का अवसर होते हैं, बल्कि समाज को जोड़ने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का भी माध्यम हैं।
देशभर में उत्सव का माहौल
प्रधानमंत्री के संदेश के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में मकर संक्रांति और बिहू को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। लोग परंपरागत तरीकों से पर्व मना रहे हैं और एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा कर रहे हैं। ये त्योहार भारतीय समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सामूहिकता की भावना को दर्शाते हैं।
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