सुप्रीम कोर्ट ने विशेष सॉवरेन इम्यूनिटी रजिस्ट्रेशन (SIR) को लेकर अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अनुच्छेद 142 के तहत विशेष निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वोटिंग से महज 2 दिन पहले नाम जुड़ने पर भी संबंधित व्यक्ति को मतदान करने की अनुमति दी जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन वोटरों का नाम ट्रिब्यूनल से मंजूरी मिलने के बाद अंतिम रूप से बहाल हो गया है, वे 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होने वाली वोटिंग में अपने वोट डाल सकेंगे। कोर्ट ने दोनों तारीखों के लिए अलग-अलग डेडलाइन तय कर दी है।
कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्देश
जिनका नाम अंतिम रूप से बहाल हो गया है, उन्हें वोट डालने का अधिकार होगा।
जिनके नाम रिजेक्ट हो गए हैं, उन्हें मतदान की अनुमति नहीं मिलेगी।
ट्रिब्यूनल से मंजूरी मिलने वाले वोटर भी वोट डाल सकेंगे।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से उन हजारों वोटरों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनका नाम SIR प्रक्रिया के दौरान कट गया था या विवादित था। यह आदेश उन राज्यों में विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां आगामी चरणों में मतदान होने वाला है। कोर्ट ने चुनाव आयोग को इस संबंध में सख्ती से निर्देशों का पालन करने को कहा है।
फैसले के बाद विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट का स्वागत किया है, जबकि सत्ताधारी दल ने कहा है कि वे कोर्ट के आदेश का पूरी तरह सम्मान करेंगे।



