बेटियों के सशक्तिकरण और सुरक्षा पर मुख्यमंत्री ने जोर दिया
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय बालिका दिवस 2026 के अवसर पर बेटियों के सशक्तिकरण और उनकी सुरक्षा को लेकर संदेश दिया। उन्होंने कहा, “बेटियां वरदान हैं, राष्ट्र की पहचान हैं।” उनका यह संदेश समाज में जागरूकता फैलाने के साथ-साथ यह भी याद दिलाता है कि बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और समान अवसर ही देश की प्रगति की आधारशिला है। राष्ट्रीय बालिका दिवस हर साल 24 जनवरी को मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य बालिकाओं के अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण की दिशा में समाज में जागरूकता बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने बेटियों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, जिनका लक्ष्य उनकी शिक्षा, पोषण और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
शिक्षा और सुरक्षा पर जोर
CM योगी ने कहा कि बेटियों को समान अवसर और शिक्षा दिलाना समाज में उनके योगदान की पहचान बनाता है। उन्होंने परिवार और समाज दोनों से अपील की कि वे बेटियों को सुरक्षित और सहयोगी वातावरण दें, ताकि वे किसी भी प्रकार के भेदभाव या हिंसा से सुरक्षित रहें। सरकार की ओर से कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जैसे “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ”, छात्रवृत्ति योजनाएं और महिला सुरक्षा परियोजनाएं। इन पहलों का उद्देश्य बेटियों को केवल सुरक्षित करना नहीं है, बल्कि उन्हें समाज और देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार करना भी है।
राज्यभर में कार्यक्रम और आयोजन
राष्ट्रीय बालिका दिवस पर राज्य भर के स्कूलों, कॉलेजों और संस्थानों में प्रतियोगिताएं, कार्यशालाएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन आयोजनों के माध्यम से बालिकाओं की प्रतिभा और क्षमताओं को सम्मानित किया गया। CM ने कहा कि बेटियों की उपलब्धियों को प्रोत्साहित करना समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने का सबसे प्रभावी तरीका है। उन्होंने कहा, “जब हम बेटियों को सशक्त बनाते हैं, तब हम समाज और राष्ट्र को मजबूत बनाते हैं। उनकी शिक्षा, उनके अधिकार और उनके सपनों का सम्मान ही हमारे देश की प्रगति की पहचान है।”
सामाजिक जागरूकता और परिवार की भूमिका
CM योगी ने कहा कि केवल सरकार ही नहीं, बल्कि परिवार और समाज की जिम्मेदारी भी है कि वे बेटियों को समान अधिकार दें। उन्होंने परिवारों से अपील की कि वे बेटियों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर दें और समाज में किसी भी तरह के भेदभाव को खत्म करने में योगदान दें। सरकार लगातार नई योजनाओं और पहलों के माध्यम से बेटियों के सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में काम कर रही है। CM के इस संदेश ने समाज में यह भरोसा पैदा किया कि बेटियां केवल परिवार की संपत्ति नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की ताकत हैं। राष्ट्रीय बालिका दिवस केवल एक दिन का उत्सव नहीं है, बल्कि यह बेटियों के महत्व और उनकी सुरक्षा के प्रति जागरूकता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री का संदेश “बेटियां वरदान हैं, राष्ट्र की पहचान हैं” यह याद दिलाता है कि हर बेटी के अधिकार और सपनों का सम्मान करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उत्तर प्रदेश सरकार की योजनाओं और प्रयासों से उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा और समान अवसर के क्षेत्र में और मजबूती मिलेगी। यही वास्तव में राष्ट्र की प्रगति और पहचान है।
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