आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-3 पर सुरक्षा जांच के दौरान मचा हड़कंप, पुलिस जांच के बाद स्थिति हुई स्पष्ट
नई दिल्ली। देश की राजधानी स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) के टर्मिनल-3 पर गुरुवार को उस समय कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब सुरक्षा जांच के दौरान एक यात्री के सामान में मानव कंकाल जैसा ढांचा दिखाई दिया। नियमित बैगेज स्क्रीनिंग के दौरान एक्स-रे मशीन में यह संदिग्ध वस्तु नजर आने के बाद सुरक्षा कर्मी तुरंत अलर्ट हो गए। घटना के तुरंत बाद बैग को अलग कर लिया गया और इसकी सूचना एयरपोर्ट पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों और दिल्ली पुलिस को दी गई। कुछ ही देर में पुलिस और सीआईएसएफ की टीम मौके पर पहुंची और पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू की गई। एहतियात के तौर पर उस क्षेत्र में यात्रियों की आवाजाही को कुछ समय के लिए सीमित कर दिया गया, जिससे वहां मौजूद लोगों में हल्की दहशत देखने को मिली।
सुरक्षा एजेंसियों ने दिखाई सतर्कता
बताया जा रहा है कि जब एक्स-रे स्क्रीन पर कंकाल जैसी आकृति दिखाई दी, तो सुरक्षा कर्मियों ने किसी भी तरह की लापरवाही न बरतते हुए तय प्रोटोकॉल का पालन किया। बैग के मालिक यात्री को तुरंत रोका गया और उससे पूछताछ शुरू की गई। सुरक्षा एजेंसियों ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी संभावित खतरा यात्रियों और एयरपोर्ट की सुरक्षा को प्रभावित न कर सके। इस दौरान कुछ यात्रियों ने मोबाइल से वीडियो भी बनाए, जो बाद में सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गए। हालांकि अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और भरोसा दिलाया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
जांच में सामने आई सच्चाई
पुलिस जांच के बाद जो तथ्य सामने आए, उन्होंने सभी को राहत दी। दिल्ली पुलिस के अनुसार, बैग में मिला कंकाल किसी मानव अवशेष का नहीं था, बल्कि मेडिकल और नर्सिंग छात्रों द्वारा पढ़ाई के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक डेमो मॉडल था। यह प्लास्टिक और फाइबर से बना एक शैक्षणिक मॉडल था, जिसका उपयोग एनाटॉमी की पढ़ाई में किया जाता है। जांच में यह भी पता चला कि संबंधित यात्री एक मेडिकल छात्र था और वह इस कंकाल मॉडल को शैक्षणिक उद्देश्य से अपने साथ ले जा रहा था। यात्री ने पुलिस को अपने कॉलेज से जुड़े दस्तावेज भी दिखाए, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि मॉडल का इस्तेमाल केवल पढ़ाई के लिए किया जाता है।
दस्तावेज जांच के बाद यात्री को मिली अनुमति
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने सभी आवश्यक दस्तावेजों की जांच करने के बाद यात्री को आगे की यात्रा की अनुमति दे दी। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी प्रकार की आपराधिक मंशा या नियम उल्लंघन की पुष्टि नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद एयरपोर्ट पर स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई और उड़ानों का संचालन बिना किसी रुकावट के जारी रहा।
यात्रियों के बीच चर्चा का विषय बनी घटना
हालांकि मामला पूरी तरह साफ हो गया, लेकिन इस घटना के बाद कुछ समय तक एयरपोर्ट पर मौजूद यात्रियों के बीच चर्चा होती रही। कई यात्रियों ने कहा कि इस तरह की वस्तुओं को ले जाते समय पहले से एयरलाइन और सुरक्षा एजेंसियों को सूचना देनी चाहिए, ताकि अनावश्यक घबराहट से बचा जा सके। वहीं, एयरपोर्ट अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा जांच में सतर्कता बेहद जरूरी है और किसी भी संदिग्ध वस्तु को हल्के में नहीं लिया जा सकता। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी वजह से हर संदिग्ध स्थिति की पूरी जांच की जाती है। दिल्ली एयरपोर्ट पर हुई यह घटना भले ही कुछ देर के लिए चिंता का कारण बनी हो, लेकिन जांच में सामने आई सच्चाई ने सभी को राहत दी। यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि एयरपोर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां कितनी सतर्कता से अपना काम करती हैं और किसी भी संभावित खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जाता।
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