मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिवालय के विभिन्न विभागों का लिया जायजा, कर्मचारियों में मची खलबली

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार, 28 नवंबर 2025 को सुबह-सुबह मुख्य सचिवालय के विभिन्न विभागों का अचानक निरीक्षण किया। उनका यह कदम अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच खलबली मचाने वाला साबित हुआ। चुनाव के बाद भी सक्रिय रूप से प्रशासनिक कामकाज में जुटे मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को समय पर कार्यालय आने और कार्यों को बेहतर ढंग से करने के स्पष्ट निर्देश दिए।

निरीक्षण का उद्देश्य और मुख्यमंत्री के निर्देश

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्य सचिवालय के प्रमुख विभागों जैसे मुख्य सचिव कोषांग, मंत्रिमंडल कक्ष, वित्त मंत्री का कार्यालय और अतिथि कक्ष की व्यवस्थाओं और कार्य पद्धति का जायजा लिया। उन्होंने सभी अधिकारियों से कहा कि कार्यालय में अनुशासन बनाए रखा जाए और सभी काम समय पर, पूरी संवेदनशीलता के साथ निपटाए जाएं।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि पूरे परिसर की साफ-सफाई नियमित हो और कार्यालय परिसर आकर्षक और व्यवस्थित दिखे। इसके लिए पौधारोपण कर परिसर और उद्यान क्षेत्र हरा-भरा बनाए जाने की जरूरत है। आगंतुकों के बैठने और उनकी सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाए।

साफ-सफाई और हरियाली पर जोर

नीतीश कुमार ने मुख्य सचिवालय परिसर की साफ-सफाई और हरियाली को लेकर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जहां जरूरत हो, वहां नए पौधे लगाए जाएं और पूरे परिसर को साफ-सुथरा बनाए रखा जाए। उनका मानना है कि सुंदर और सुव्यवस्थित परिसर न केवल अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अच्छा माहौल बनाता है, बल्कि आगंतुकों और आम जनता के लिए भी सकारात्मक प्रभाव डालता है।

सीएम ने यह सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिसर में हरियाली और सुव्यवस्था कायम रहे और आगंतुकों के बैठने और अन्य सुविधाओं की कोई कमी न रहे।

कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए स्पष्ट संदेश

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि सभी लोग समय पर कार्यालय आएं और कार्य का निष्पादन बेहतर तरीके से करें। उन्होंने कहा कि कार्यालय में अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ काम करना अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे अपने विभागों में सुधार और व्यवस्था को और बेहतर बनाएंगे।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया, लेकिन मुख्यमंत्री की सक्रियता और सटीक दिशा-निर्देश ने सभी को यह महसूस कराया कि प्रशासनिक कामकाज में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्य सचिवालय में वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ मुख्य सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। इसमें प्रमुख सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त डॉ. एस. सिद्धार्थ और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। सभी अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को विभागों की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी दी।

सभी विभागों का निरीक्षण कर मुख्यमंत्री ने सुधार और प्रभावी प्रशासन के लिए दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कार्यों में देरी या लापरवाही न हो और हर काम समय पर, पारदर्शी और जिम्मेदारी के साथ पूरा किया जाए।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह अचानक निरीक्षण यह दर्शाता है कि वे चुनाव के बाद भी पूरी सक्रियता और प्रतिबद्धता के साथ प्रशासनिक कामकाज में लगे हुए हैं। उनका संदेश स्पष्ट है – अनुशासन, समयपालन और कार्यक्षमता सर्वोपरि हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारियों का एहसास कराया गया और प्रशासन में सुधार और सुव्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया गया।

इस तरह के निरीक्षण न केवल सरकारी कार्यप्रणाली में सुधार लाने में मदद करते हैं, बल्कि कर्मचारियों और अधिकारियों में जिम्मेदारी और तत्परता की भावना को भी बढ़ाते हैं। नीतीश कुमार की यह सक्रियता और स्पष्ट दृष्टिकोण उनके कार्यशैली और नेतृत्व को दर्शाता है।

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