12वीं अंतरराष्ट्रीय प्लास्टिक प्रदर्शनी में रेखा गुप्ता ने साझा किए विचार

PlastIndia 2026 के तहत आयोजित 12वीं अंतरराष्ट्रीय प्लास्टिक प्रदर्शनी, सम्मेलन और कन्वेंशन में देश-विदेश से आए उद्योग विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और उद्यमियों ने भाग लिया। इस बड़े मंच पर दिल्ली सरकार की ओर से रेखा गुप्ता ने अपने विचार साझा किए और प्लास्टिक उद्योग में हो रहे तकनीकी विकास, रीसाइक्लिंग और सर्कुलर इकोनॉमी से जुड़ी आधुनिक पहलों का अवलोकन किया। यह आयोजन प्लास्टिक उद्योग के बदलते स्वरूप और उसके भविष्य की दिशा तय करने के लिए अहम माना जा रहा है। प्रदर्शनी में पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों, टिकाऊ उत्पादन प्रणालियों और नवाचार आधारित समाधानों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया।

प्लास्टिक उद्योग में जिम्मेदार उत्पादन और रीसाइक्लिंग पर फोकस

रेखा गुप्ता ने कहा कि आज प्लास्टिक उद्योग केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि जिम्मेदार उत्पादन, शत प्रतिशत रीसाइक्लिंग और पर्यावरण संतुलन इसकी प्राथमिकता बन चुकी है। आधुनिक तकनीक और अनुसंधान के जरिए प्लास्टिक कचरे को दोबारा उपयोग में लाने के प्रयास तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि सर्कुलर इकोनॉमी मॉडल के तहत प्लास्टिक वेस्ट को रिसोर्स के रूप में देखा जा रहा है। इससे न सिर्फ पर्यावरण पर दबाव कम होगा, बल्कि नए रोजगार और निवेश के अवसर भी पैदा होंगे।

नवाचार से बन रहा भारत की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ

PlastIndia 2026 में यह साफ देखने को मिला कि नवाचार और तकनीकी विकास प्लास्टिक उद्योग को भारत की आर्थिक प्रगति का सशक्त स्तंभ बना रहे हैं। उन्नत मशीनरी, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, बायो-डिग्रेडेबल मटीरियल और ऊर्जा-कुशल प्रक्रियाएं इस सेक्टर को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बना रही हैं। रेखा गुप्ता ने कहा कि प्लास्टिक उद्योग अगर पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़े, तो यह ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्यों को मजबूत आधार प्रदान कर सकता है।

स्वच्छ, हरित और विकसित दिल्ली की दिशा में प्रयास

रेखा गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि दिल्ली सरकार स्वच्छ, हरित और विकसित दिल्ली के निर्माण के लिए लगातार कार्य कर रही है। औद्योगिक विकास को पर्यावरण संरक्षण के साथ जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए प्रक्रियाओं को सरल किया जा रहा है। इसके साथ ही बिना गारंटी ऋण, स्टार्टअप नीति और नवाचार को प्रोत्साहन देकर उद्योग और उद्यमिता को मजबूत किया जा रहा है। इससे छोटे और मध्यम उद्यमों को भी आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।

उद्योग और सरकार के बीच सहयोग पर जोर

PlastIndia 2026 जैसे मंच उद्योग और सरकार के बीच संवाद को मजबूत करते हैं। रेखा गुप्ता ने कहा कि नीति, तकनीक और निवेश तीनों के समन्वय से ही सतत विकास संभव है। सरकार उद्योग के साथ मिलकर ऐसे समाधान तैयार कर रही है, जो पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास दोनों को संतुलित कर सकें।

कार्यक्रम में प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति

इस अवसर पर PlastIndia के अध्यक्ष रविश कामत और पार्षद प्रवेश वाही भी उपस्थित रहे। उन्होंने भी प्रदर्शनी का अवलोकन किया और उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों से संवाद किया। सभी ने एकमत से माना कि प्लास्टिक उद्योग का भविष्य नवाचार, रीसाइक्लिंग और सर्कुलर इकोनॉमी में निहित है। PlastIndia 2026 केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि प्लास्टिक उद्योग के भविष्य की दिशा तय करने वाला मंच है। जिम्मेदार उत्पादन, पर्यावरण-अनुकूल समाधान और सरकारी सहयोग के साथ यह उद्योग भारत की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

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