प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 127वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि हाल ही में पूरे देश में दिवाली का पर्व मनाया गया और अब बड़ी संख्या में लोग छठ महापर्व की तैयारियों में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि छठ पर्व संस्कृति, प्रकृति और समाज की गहरी एकता का प्रतीक है, जहां समाज का हर वर्ग एक साथ घाटों पर पहुंचता है। यह भारत की सामाजिक एकता का सुंदर उदाहरण है। प्रधानमंत्री ने बताया कि त्योहारों के इस अवसर पर उन्होंने देशवासियों के साथ अपनी भावनाएं साझा करते हुए एक पत्र लिखा था, जिसमें देश की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया गया था। इस पत्र के जवाब में उन्हें नागरिकों से अनेक प्रतिक्रियाएं मिलीं।
भारतीय नस्ल के कुत्तों के सुधार पर चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि पांच साल पहले उन्होंने इसी कार्यक्रम में भारतीय नस्ल के कुत्तों पर चर्चा की थी। उन्हें खुशी है कि आज BSF और CRPF ने अपनी टुकड़ियों में भारतीय नस्ल के कुत्तों की संख्या में बढ़ोतरी की है। उन्होंने कहा कि BSF का राष्ट्रीय प्रशिक्षण केंद्र ग्वालियर के टेकनपुर में स्थित है, जहां उत्तर प्रदेश के रामपुर हाउंड और कर्नाटक व महाराष्ट्र के मुधोल हाउंड पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वहीं, CRPF का डॉग ब्रीडिंग एंड ट्रेनिंग स्कूल बेंगलुरु में है, जहां मोंगरेल, मुधोल हाउंड, कोम्बाई और पांडिकोना जैसी भारतीय नस्लों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।
GST बचत उत्सव पर साझा
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि GST बचत उत्सव को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखा गया है। त्योहारों के दौरान बाजारों में स्वदेशी वस्तुओं की खरीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने अपने पत्र में खाद्य तेल की खपत में 10 प्रतिशत कमी करने का भी आग्रह किया था, जिस पर लोगों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।
गार्बेज कैफे का भी उल्लेख
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में चल रहे गार्बेज कैफे का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इन कैफे में प्लास्टिक कचरे के बदले खाना दिया जाता है। एक किलो से अधिक प्लास्टिक लाने वाले को दोपहर या रात का भोजन और आधा किलो लाने वाले को नाश्ता दिया जाता है। यह पहल अंबिकापुर नगर निगम द्वारा चलाई जा रही है।
40 कुओं और 6 झीलों का कायाकल्प
प्रधानमंत्री ने बेंगलुरु के इंजीनियर कपिल शर्मा की पहल की भी सराहना की, जिन्होंने शहर की झीलों को पुनर्जीवित करने का अभियान शुरू किया है। कपिल शर्मा और उनकी टीम ने अब तक 40 कुओं और 6 झीलों का कायाकल्प किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस मिशन में स्थानीय लोगों और निगमों की भागीदारी इसे और प्रभावी बना रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि जिस प्रकार पहाड़ों और मैदानों में जंगल मिट्टी को एकजुट रखते हैं, उसी तरह समुद्र तटों पर मैंग्रोव का भी अत्यधिक महत्व है। उन्होंने बताया कि मैंग्रोव समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र का एक अहम हिस्सा हैं, जो सुनामी और चक्रवात जैसी आपदाओं के समय प्रकृति की रक्षा करते हैं।
उन्होंने बताया कि गुजरात के धोलेरा में लगभग पांच साल पहले वन विभाग की टीमों ने मैंग्रोव लगाने का अभियान शुरू किया था। आज वहां 3,500 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में मैंग्रोव फैल चुके हैं, जिससे क्षेत्र का पर्यावरणीय संतुलन मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि अब वहां डॉल्फिन, केकड़े और अन्य जलीय जीवों की संख्या बढ़ी है और प्रवासी पक्षी भी बड़ी मात्रा में लौट रहे हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि कच्छ में एक ‘मैंग्रोव लर्निंग सेंटर’ की स्थापना की गई है, जो पर्यावरण संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।

