राम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण कार्य पूर्ण होने की दिशा में एक और ऐतिहासिक क्षण नजदीक आ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मंदिर के 161 फुट ऊंचे शिखर पर केसरिया धर्मध्वज फहराने के लिए आमंत्रित किया गया है। यह समारोह 25 नवंबर 2025 को आयोजित होगा, जो प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंदिर निर्माण की पूर्णता का प्रतीक बनेगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात कर उन्हें औपचारिक आमंत्रण पत्र सौंपा।

ध्वजारोहण समारोह: तारीख और आयोजन का विवरणश्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 25 नवंबर 2025 को ध्वजारोहण समारोह की घोषणा की है।

22जनवरी की तरह होगा कार्यक्रम

यह आयोजन प्राण प्रतिष्ठा (22 जनवरी 2024) की तरह भव्य होगा, जिसमें वैदिक अनुष्ठान, संगीत, रामकथा और मंत्रोच्चार शामिल होंगे। अयोध्या और काशी के 101 आचार्य अनुष्ठान संपन्न कराएंगे।

धर्मध्वज का विशेष महत्वध्वज केसरिया रंग का होगा, जो सनातनी परंपरा का प्रतीक है। इसका आकार 22 फीट लंबा और 11 फीट चौड़ा होगा। वाल्मीकि रामायण के अनुसार, इसमें सूर्यवंश का प्रतीक सूर्य, अयोध्या का राजध्वज कोविदार वृक्ष, और ओम चिह्न अंकित होगा।

धर्मध्वज की विशेषता

ध्वज-स्तंभ 42 फीट ऊंचा होगा, जो 360 डिग्री घूमने वाले बॉल-बेयरिंग पर आधारित है और 60 किमी/घंटा की आंधी-तूफान को झेल सकता है। यह ध्वज मंदिर के शिखर पर स्थापित 161 फीट ऊंचाई पर फहराया जाएगा, जो मंदिर की कुल ऊंचाई को 203 फीट कर देगा।  ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने कहा कि यह समारोह मंदिर निर्माण की पूर्णता का प्रतीक होगा।

सीएम योगी ने पीएम मोदी को दिया निमंत्रण

पीएम मोदी को आमंत्रण: सीएम योगी की दिल्ली यात्रामुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 26 अक्टूबर 2025 को दिल्ली के उत्तर प्रदेश भवन में पीएम मोदी से मुलाकात की।  इस दौरान उन्होंने ध्वजारोहण समारोह के लिए औपचारिक आमंत्रण पत्र सौंपा।

यूपी सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि सीएम योगी ने पीएम को अयोध्या के विकास कार्यों की प्रगति से भी अवगत कराया।

ट्रस्ट ने देश-विदेश के संतों, धर्माचार्यों, रामभक्तों, क्रिकेटरों, उद्योगपतियों और अभिनेताओं को आमंत्रित किया है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी मुख्य अतिथि होंगे।

आमंत्रण की प्रक्रियाट्रस्ट ने अयोध्या, अवध क्षेत्र और पूरे देश के प्रमुख संत-धर्माचार्यों को आमंत्रण भेजना शुरू कर दिया है।  25 नवंबर को भाजपा के कद्दावर नेताओं का जमावड़ा होगा।  यह आयोजन प्राण प्रतिष्ठा की तरह भव्य होगा, जिसमें वैदिक मंत्रोच्चार, संगीत और रामकथा का समावेश होगा।

राम मंदिर का महत्व: ध्वजारोहण एक मील का पत्थरराम मंदिर का निर्माण 2020 में शुरू हुआ था, और प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को हुई।ध्वजारोहण समारोह मंदिर निर्माण की पूर्णता की ओर एक बड़ा कदम है।

अयोध्या में तैयारियां जोरों पर हैं। ध्वज का कपड़ा और सहनशक्ति की जांच हो रही है। सुरक्षा के लिए केंद्रीय और राज्य बल तैनात होंगे। ट्रस्ट ने स्थानीय समुदायों को भी भागीदारी का अवसर दिया है।

अयोध्या में फिर भक्ति का संगीत25 नवंबर 2025 को अयोध्या राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण समारोह एक ऐतिहासिक क्षण होगा। पीएम मोदी के नेतृत्व में यह आयोजन रामभक्ति को नई ऊंचाई देगा। सीएम योगी का आमंत्रण इसकी शुरुआत है।

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